चंडीगढ़। महर्षि वाल्मीकि जी ने महाकाव्य रामायण के माध्यम से समाज को आदर्श जीवन, रिश्तों की मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं हमें जाति, वर्ण और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता, समानता और परस्पर सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही न्याय, समानता और सामाजिक सद्भाव पर आधारित सशक्त एवं संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है। यह बात लोकनिर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने सोमवार को हिसार के लघु सचिवालय सभागार में महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों, संतों और महापुरुषों की धरती है। महर्षि वाल्मीकि जी का साहित्य और जीवन दर्शन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो पीढ़ियों को सत्य, मर्यादा, मानवता और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार महापुरुषों की शिक्षाओं और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हरियाणा सरकार अनुसूचित जातियों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जातियों के योगदान का सम्मान करने और समाज के वंचित वर्गों को आगे बढऩे के समान अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण में वर्गीकरण किया है।
नलवा विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं हमें आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर भाईचारे, सद्भाव और परस्पर सम्मान के साथ रहने की प्रेरणा देती हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक सशक्त, समरस और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिलेंगे और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, तभी सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त हरियाणा का निर्माण संभव होगा। विधायक ने कहा कि सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए सरकार की ओर से 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि प्रदान की जाती है। इस अवसर पर समाजसेवी जगदीश जिंदल, अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, बीडीसी चेयरमैन अजय गावड़, नगराधीश रोहित कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार, सफाई कर्मचारी संगठन के प्रदेश सचिव राकेश कुमार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।