शिजांगः तिब्बत में देर रात भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके बाद भी कई बार धरती कांपी। तिब्बत में एनसीएस के अनुसार, 4 घंटों में 14 भूकंपीय घटनाएं दर्ज हैं, जिनमें सबसे तेज झटका 7.0 तीव्रता का था। इसके साथ ही चीन में भी कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। भूकंप से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 65 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
View this post on Instagram
राहत और बचाव का काम जारी है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप से 330 से ज्यादा घर ढह गए या उन्हें नुकसान पहुंचा है। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। भूकंप का केंद्र तिब्बत के नागक्यू शहर के बाछेन काउंटी में था। यह जमीन से 10 किलोमीटर से भी कम गहराई पर आया। यह जगह तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर है। वहीं, पाकिस्तान में 4.9 और अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तिब्बती पठार को बेहद संवेदनशील और भूकंप-संभावित क्षेत्र माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र ठीक उस स्थान पर स्थित है जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट आपस में मिलती हैं। भूकंप की टाइमिंग की बात करें तो पहला झटका रात 08:00, 03:42 बजे आया था। उसके बाद रात 08:42 बजे, 09:09 बजे, 09:15 बजे, 09:47 बजे, 09:51 बजे, 10:20 बजे, 10:28 बजे, 10:40 बजे, 11:17 बजे, 11:36 बजे, 11:55 बजे और आखिर में रात 12:01 बजे आया था। बता दें ये पिछले 5 सालों में आया सबसे बड़ा भूकंप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भूकंप के बाद कम से कम 339 घर ढह गए हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश और बचाव काम जारी है. विस्थापित लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है।