नई दिल्लीः सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम, ह्वाट्सअप की मूल कंपनी मेटा को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, कोर्ट में डेटा लीक को लेकर हुई सुनवाई में माननीय न्यायदीश ने मेटा कंपनी को 25 अरब डॉलर यानी करीब 2.36 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने कंपनी पर यह जुर्माना डेटा प्राइवेसी मामले में ठोका है। जूरी ने पाया था कि कंपनी ने फेसबुक यूजर्स को उनके प्राइवेट डेटा की सुरक्षा और उसके इस्तेमाल को लेकर गुमराह किया। मेटा ने फैसले के खिलाफ अपील करने का संकेत दिया है।
दरअसल, डोनल्ड ट्रंप के 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जुड़ी एक राजनीतिक परामर्श फर्म पर आरोप लगा था कि उसने लाखों फेसबुक यूजरों का डाटा उनकी सहमति के बिना हासिल किया था। यह मामला उसी केस से जुड़ा हुआ है। न्यायाधीश फ्रांसिस मैथ्यू ने अपने आदेश में लिखा कि फेसबुक की गलतियां वर्षों तक जारी रहीं और व्यवस्थित रूप से जनता के सामने आईं। यह उसके मुख्य कारोबारी तौर-तरीकों के केंद्र में है। राज्य के कानून के तहत 219 अरब डॉलर से अधिक का दंड उचित था, लेकिन उन्होंने इसे घटाकर 25 अरब डॉलर कर दिया। जुर्माने की रकम राज्य की शिक्षा पर खर्च की जाएगी।
मेटा ने फैसले का विरोध किया है। कंपनी के मुख्य कानूनी अधिकारी सीजे महोनी ने कहा कि कंपनी को भरोसा है कि वह अपील में जीत हासिल करेगी। मेटा का तर्क है कि इस मामले में लगाए गए आरोप और जुर्माने की राशि उचित नहीं हैं। बता दें यह फैसला कंपनी के लिए बड़ी कानूनी चुनौती है। हालांकि, अपील के कारण अंतिम भुगतान और फैसले के प्रभाव पर आगे कानूनी प्रक्रिया का असर पड़ सकता है। कैंब्रिज एनालिटिका नाम की ब्रिटिश राजनीतिक परामर्श फर्म ने एक थर्ड-पार्टी एप के जरिए फेसबुक के 8.7 करोड़ तक यूजरों का निजी डाटा जुटाया था। इस रहस्योद्घाटन के बाद राज्य के अटार्नी जनरल ने 2021 में मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।
