चंडीगढ़/पटियाला: पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए की गई अपनी नवीन पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता हासिल की है। मिशन क्लीन पटियाला और पटियाला के एक श्मशानघाट में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (एपीसीडी) की स्थापना को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी), 2026 के तहत जारी किए गए ‘सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों’ के संकलन में शामिल किया गया है।
यह मान्यता वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों से निपटने के लिए पंजाब द्वारा किए जा रहे प्रयासों को उजागर करती है। इनमें जनभागीदारी, प्रौद्योगिकी आधारित समाधान और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं। ये पहलें दर्शाती हैं कि स्थानीय स्तर पर की गई कार्रवाई, संस्थागत सहयोग और व्यावहारिक समाधान देश में स्वच्छ वायु के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
गोबिंदगढ़ का बायो-मीथेनेशन प्लांट टिकाऊ शहरी पर्यावरण प्रबंधन का एक उदाहरण है। यह जैविक कचरे का प्रसंस्करण करके बायोगैस के उत्पादन में मदद करता है। इससे उपयुक्त कचरे को पारंपरिक निपटान विधियों से हटाकर संसाधनों के पुनः उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है। प्रभावी कचरा पृथक्करण और प्लांट के सुचारू संचालन से ऐसी सुविधाएं बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में योगदान दे सकती हैं।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा, “पंजाब की स्वच्छ वायु संबंधी पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता हमारे इस विश्वास को और मजबूत करती है कि टिकाऊ पर्यावरणीय बदलाव वैज्ञानिक समाधानों और जनभागीदारी को एक साथ लाने से ही संभव हैं।
