23 सदस्य रिसर्च के अलग-अलग क्षेत्रों में टॉप 100 में शामिल
जालंधर (Ens): लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने रिसर्च के ग्लोबल सेंटर के तौर पर अपनी स्थिति और मजबूत की है, क्योंकि स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की 2026 की रैंकिंग के अनुसार, इसके 56 फैकल्टी सदस्य दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल हैं। यह पहचान दिखाती है कि यूनिवर्सिटी अलग-अलग क्षेत्रों में वैज्ञानिक प्रगति में लगातार योगदान दे रही है; इसके 23 फैकल्टी सदस्य अपने-अपने रिसर्च क्षेत्रों में टॉप 100 में और 9 सदस्य टॉप 50 में शामिल हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी के 12 फैकल्टी सदस्यों को ‘करियर-लॉन्ग इम्पैक्ट’ (पूरे करियर के दौरान असर) रैंकिंग में पहचान मिली है, जो उनके रिसर्च के लंबे समय तक रहने वाले असर को दिखाता है।
स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग में रिसर्च करने वालों का मूल्यांकन स्टैंडर्ड साइटेशन इंडिकेटर्स, एच-इंडेक्स और रिसर्च के असर को मापने वाले दूसरे पैमानों के आधार पर किया जाता है। एलपीयू की यह नई उपलब्धि इसके रिसर्च इकोसिस्टम के विस्तार और ग्लोबल लेवल पर इसके फैकल्टी सदस्यों के एकेडमिक योगदान की बढ़ती पहचान, दोनों को दिखाती है।
एलपीयू की रिसर्च की गहराई को और दिखाते हुए, नौ फैकल्टी सदस्य अपने-अपने सब-फील्ड्स में टॉप 50 में शामिल रहे। इनमें ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स और फोटोनिक्स में तीन, लीगल और फोरेंसिक मेडिसिन में दो, और फार्माकोलॉजी और फार्मेसी, प्लांट बायोलॉजी और बॉटनी, केमिकल इंजीनियरिंग और बायोफिजिक्स में एक-एक सदस्य शामिल थे।
