जालंधर, ENS: फिल्लौर में देर रात खूनी झड़प देखने को मिली। जहां दोनों पक्षों के लोग घायल हुए है। इस दौरान एक पक्ष के लोगों को गंभीर चोटे आई है। दोनों पक्षों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पीड़ित परिवार ने दर्जनों लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने पार्षद और उसके परिवार पर आरोप लगाए है। इस दौरान उन्होंने कहा कि 3-4 गाड़ियों में भरकर आए हमलावरों पर घर के बाहर घेराबंदी करके उन पर हथियार से हमले किया। वहीं उन्होंने पार्षद पर धमकी देने के आरोप है।
पीड़ित ने एक पूरे समूह पर योजनाबद्ध तरीके से हमला करने और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया है। पीड़ित के बयान के अनुसार, देर रात लगभग 10:30 बजे बल्ले और रमण बसरा ने उन्हें फोन किए। इसके तुरंत बाद आरोपी 3 से 4 गाड़ियां भरकर पीड़ित के घर के बाहर पहुंचे। हमलावरों ने घर के बाहर चौराहे पर खड़े होकर गाली-गलौज की और खुलेआम ललकारे मारे। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी उन्हें जान से मारने की नीयत से आए थे। पीड़ित ने बताया कि हमलावरों ने उन्हें अकेला घेरकर एक साथ बुरी तरह पीटा। हमले के दौरान रानी नाम की महिला ने हमलावरों को उकसाते हुए कहा कि इसे मार दो।
रणजीत ने पीड़ित की दोनों बाजू कसकर पकड़ लीं, ताकि वे अपना बचाव न कर सकें। सामूहिक मारपीट के कारण पीड़ित की टांग में इतनी गंभीर चोट आई है कि वे अपनी टांग हिलाने में भी असमर्थ हैं। पीड़ित ने बयान में हथियारों के इस्तेमाल का भी जिक्र किया गया है। पीड़ित के मुताबिक, आरोपी सैम और बैंटी के पास असला मौजूद था। जब सैम गोली चलाने लगा, तो बेटी ने उससे हथियार छीन लिया और हथियार के बट से पीड़ित के सिर पर जोरदार वार किया। वहीं पुलिस ने पीड़ित के बयान में कई व्यक्तियों को नामजद किया है, जिनमें पार्षद के परिवार की बहू, बेटी, बेटा एरिक और छोटा बेटा सैम शामिल हैं।
इसी के साथ अन्य दोषी नीना का बेटा बिल्ला व उसकी बहू, रोमन के दोनों बेटे, बेटी, सोना के दोनों बेटे, रानी तथा रणजीत शामिल है। पीड़ित ने खुलासा किया कि आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पहले उनके भाई के सिर पर वार करके गंभीर चोट पहुंचाई थी, जिसके तहत दर्ज धारा 307 के मामले में आरोपी पुलिस द्वारा घोषित अपराधी हैं। पीड़ित ने हाथ जोड़कर सरकार और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की जाए तथा सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
