शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज सोलन में अग्रवाल सभा द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने समाज से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को आत्मसात करते हुए आर्थिक समृद्धि को समाज सेवा, करुणा और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक समृद्धि में निहित नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता, पारस्परिक सहयोग और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता में भी परिलक्षित होती है। राज्यपाल ने महाराजा अग्रसेन से जुड़े ‘एक ईंट, एक रुपया’ के सिद्धांत पर बल देते हुए कहा कि यह सामूहिक योगदान की भावना का प्रतीक है, जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार दूसरों की सहायता करता है और यह सिद्धांत आज भी उतना ही प्रासंगिक है। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा में सहयोग, गरीबों के उपचार में सहायता, युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर सृजित करना तथा जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देना इसी भावना के उदाहरण हैं।

उन्होंने अग्रवाल सभा से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, युवा मार्गदर्शन, महिला सशक्तिकरण और समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने का भी आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जयंती केवल एक महान व्यक्तित्व को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का भी अवसर है। उन्होंने सभी से तीन संकल्प, ‘समृद्धि के साथ सेवा, सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यक्तिगत एवं सामुदायिक पहचान के साथ सामाजिक सद्भाव’ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अग्रवाल सभा भविष्य में भी सोलन और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में अपना योगदान देती रहेगी।
