जालंधर, ENS: अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मण का 9 अक्टूबर 2025 निधन हो गया था। वरिंदर सिंह घुम्मण को द हीमैन ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता था। 2009 में उन्होंने मिस्टर इंडिया का खिताब जीता था। वह प्रमुख भारतीय प्रोफेशनल बॉडीबिल्डर, एक्टर और डेयरी किसान थे। वे दुनिया के पहले शुद्ध शाकाहारी प्रोफेशनल बॉडी बिल्डर माने जाते थे और भारत के बॉडी बिल्डिंग क्षेत्र में एक प्रेरणा स्रोत रहे। आज वरिंदर घुम्मण की पहली बरसी मॉडल टाउन में स्थित गुरु द्वारा साहिब में रखी गई। जहां कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत सहित अन्य नेता बरसी में शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने परिवार के साथ दुख सांझा किया। मीडिया से बात करते हुए वरिंदर घुम्मण के भाई रब्बी बाजवा ने कहा कि आज उनके भाई को दुनियां से गए एक साल हो गया। उन्होंने कहा कि परिवार की भाई के निधन के बाद एक ही मांग थी और वह थी कि परिवार को इंसाफ दिलाया जाए। ऐसे में सरकार ने परिवार का काफी साथ दिया। रब्बी ने कहाकि कुछ नेता केस को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे है, लेकिन परिवार चाहता है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद केस की देख-रेख करके उन्हें इंसाफ दिलाए। परिवार का आरोप हैकि केस को दबाने के लिए गैंगस्टरों से डॉक्टरों को परेशान किया गया था।
ऐसे में कुछ डॉक्टरों की बदली करवाई गई, लेकिन डॉक्टर केस में परिवार के साथ खड़े है। इस केस में एफआईआर हो गई है और दोषी जमानत पर बाहर आ गए है। परिवार को उम्मीद है कि दोषी जल्द सलाखों के पीछे होंगे। वहीं परिवार को पैसों की ऑफर देने पर रब्बी ने कहा कि अस्पताल की ओर से करोड़ो रुपए की ऑफर दी गई, लेकिन परिवार द्वारा इस ऑफर को नकार दिया गया। परिवार सिर्फ इंसाफ की मांग करता है और इसी तरह घुम्मण की बरसी मनाई जाएंगी और उसकी बरसी पर मेले लगाकर लोगों की भलाई का काम किया जाएगा। वहीं कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि वह परिवार के साथ दुख सांझा करने पहुंचे है। घुम्मण ने दुनियां भर में पंजाब और जालंधर का नाम रोशन किया। ऐसे में आज घुम्मण की पहली बरसी पर सभी एकत्रित हुए।
घुम्मण ने युवाओं को नशे से दूर रहने की प्ररेणा दी। बता दें कि वरिंदर घुम्मण बाजू का माइनर ऑपरेशन करवाने के लिए फोर्टिस अस्पताल अमृतसर गए थे। वह अकेले ही जालंधर बस्ती शेख स्थित घर से निकले थे। क्योंकि यह माइनर ऑपरेशन था। इसलिए उनको उसी दिन वापस आना था, लेकिन अचानक उनको कार्डियो अरेस्ट आ गया और मौत हो गई। जिसके बाद परिवार ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए थे और इस मामले को लेकर अभी भी केस चल रहा है।
