चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे के तीसरे दिन मंगलवार को सिंगापुर बिजनेस फोरम के अंतर्गत आयोजित महत्वपूर्ण राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक दर्जन से अधिक सिंगापुर कंपनियों के प्रतिनिधियों, सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के पदाधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और बिजनेस लीडर्स के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश संबंधी विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा का लक्ष्य सिंगापुर कंपनियों के सहयोग से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, वेयरहाउसिंग और आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के अलावा पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक जैसे शहरों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) तथा टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेसेज के अगले ग्रोथ सेंटर्स के रूप में विकसित करना हमारा उद्देश्य है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने Data Centre Policy-2026 भी तैयार की है। मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में हरियाणा के पास विशेष एडवांटेज है।

राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर और हरियाणा भले ही भौगोलिक रूप से अलग हों, लेकिन दोनों की सोच और प्राथमिकताएं एक-दूसरे के बहुत करीब हैं। सिंगापुर इनोवेशन, एफिशिएंसी और ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र है, जबकि हरियाणा एंटरप्राइज, मैन्युफैक्चरिंग और मार्केट एक्सेस की शक्ति रखता है। इन दोनों क्षमताओं का मेल आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई दे सकता है।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित कंपनियों से कहा कि हरियाणा केवल एक निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि उत्तर भारत में ग्रोथ, इनोवेशन और विस्तार का भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनना चाहता है। वे चाहते हैं कि सिंगापुर की कंपनियां हरियाणा को अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस, जीसीसी लोकेशन, लॉजिस्टिक्स हब, टेक्नोलॉजी सेंटर और रीजनल बिजनेस हेडक्वार्टर्स के रूप में देखें।
