नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए थे और इन हमलों में रडार, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रनवे और हैंगर को काफी नुकसान भी हुआ था। एयर चीफ ने बताया कि ऑपरेशन का यह साफ मकसद था कि भारतीय सशस्त्र बलों ने तय लक्ष्य हासिल करने के लिए मिलकर काम किया था। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान में लंबी दूरी के हथियारों और आधुनिक सैन्य तकनीक का इस्तेमाल हुआ है।
पांच लड़ाकू विमानों को किया था नष्ट
एपी सिंह ने यह भी बताया कि भारतीय हमलों के दौरान पाकिस्तान में कम से कम 4 जगहों पर रडार को नुकसान भी पहुंचा। वहीं दो जगहों पर कमांड और कंट्रोल सेंटर पर भी असर हुआ। इसके अलावा दो रनवे और तीन अलग-अलग ठिकानों पर बने हुए हैंगर भी क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय पक्ष को एक C-130 श्रेणी के विमान के प्रभावित होने के संकेत मिले थे। एयर चीफ ने पाकिस्तान के 4-5 लड़ाकू विमानों को भी जमीन पर नष्ट करने की बात कही थी। इसमें F-16 के शामिल होने की संभावना भी बताई गई थी।
एयर डिफेंस की भूमिका पर भी की बात
इसके अलावा एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत की भूमिका पर भी बात की थी। उन्होंने इससे पहले यह बताया था कि S-400 जैसी लंबी दूरी की एयर डिफेंस प्रणाली ने अभियान में खास भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, लंबी दूर के रडार और मिसाइल सिस्टम दुश्मन के विमानों को उनकी हथियार इस्तेमाल करने की दूरी तक पहुंचने से पहले ही खतरे में डाल देंगे।
ड्रोन को लेकर एयर चीफ ने दिया बयान
वहीं ड्रोन को लेकर भी एयर चीफ ने बयान दिया है। उनका कहना है कि एपी सिंह ने कहा है कि भविष्य की लड़ाई में सिर्फ ड्रोन पर ही निर्भर रहना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, मानव युक्त विमानों और ड्रोन का साथ मिलकर इस्तेमाल करना भी जरुरी हो गया है। उन्होंने ड्रोन को वायु शक्ति का विस्तार भी बताया है। उनका यह कहना था कि बड़ी संख्या में ड्रोन एक साथ इस्तेमाल करने पर किसी भी सिस्टम पर आप दबाव बना सकते हैं परंतु युद्ध जीतने के लिए आपको लंबी दूरी की क्षमता, भारी हथियार और आधुनिक लड़ाकू विमान भी जरुरी रहेंगे।
