बठिंडाः नगर पंचायत मलूका में आउटसोर्स कर्मचारियों की हाजिरी को लेकर रामपुरा फूल से आप विधायक बलकार सिंह सिद्धू हाजिरी रजिस्टर चेक करने पहुंचे। इस दौरान कर्मियों द्वारा काम करने के बावजूद उनकी हाजिरी ना लगाए जाने को लेकर विवाद गरमा गया। विधायक के अनुसार, कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों ने उन्हें शिकायत दी थी कि नगर पंचायत प्रधान ने उनकी गैरहाजिरी लगा दी है। इसी शिकायत के आधार पर वह हाजिरी रजिस्टर देखने पहुंचे थे। विधायक का आरोप है कि जब वह नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे तो हाजिरी रजिस्टर वहां मौजूद नहीं था।
पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि रजिस्टर नगर पंचायत प्रधान अपने घर पर ले गए हैं। इस दौरान कर्मी ने जेई पर आरोप लगाए कि उनकी हाजिरी 14 तारीख से नहीं लगाई जा रही। वहीं अन्य नेता ने कहाकि इतिहास में पहली बार हुआ है कि सरकारी कर्मी की हाजिरी का रजिस्टर किसी लीडर के घर है या प्रधान के घर पर है। ऐसे में इस घटना की उनके द्वारा सख्त शब्दों में निंदा की गई। वहीं विधायक ने कहाकि अधिकारी को आदेश दिए कि जो अधिकारी दोषी पाए जाते है, उनके खिलाफ बनती कार्रवाई करते हुए नौकरी से निकाला जाए। इस दौरान एक कर्मी के बार में बताया कि वह काफी पुराने समय से गांव में काम कर रहा है और उसे 2500 रुपए सैलेरी दी जाती थी। आरोप है कि बाकी पैसे आप रखे जाते थे।
इस मामले को लेकर जेई ने कहा कि प्रधान द्वारा नोटिस दिया गया, लेकिन जब नोटिस का कारण पूछा गया तो जेई कुछ भी बताने में असमर्थ दिखा। विधायक ने जेई को कहाकि वह कर्मियों से काम ले रहा है, लेकिन फिर भी उन्हें हाजिरी में गैर हाजिर कर रहा है। विधायक बलकार सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में यदि कर्मचारियों की गैरहाजिरी लगाई जाती है तो उनके नियमित होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है और वह उनकी शिकायत पर ही हाजिरी रजिस्टर की जांच करने पहुंचे थे। विधायक के अनुसार, रजिस्टर कार्यालय में नहीं मिलने पर उन्होंने नगर पंचायत प्रधान से इसके बारे में जानकारी मांगी।