चंडीगढ़: हरियाणा में औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से कौशल प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) के तहत प्रदेश के 12 क्लस्टरों में 60 सरकारी आईटीआई को अगले पांच वर्षों में अपग्रेड किया जाएगा।
अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई पीएम-सेतु और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में कौशल प्रशिक्षण को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाने, उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए नए पाठ्यक्रम विकसित करने तथा अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार के अवसरों से प्रशिक्षण को प्रभावी रूप से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।
राज्य में कुरुक्षेत्र, कलायत, सोनीपत, झज्जर और पलवल सहित पांच क्लस्टरों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। कुरुक्षेत्र और कलायत क्लस्टरों के लिए प्राप्त निविदाओं का मूल्यांकन कर राज्य संचालन समिति के समक्ष रखा गया। समिति ने संबंधित प्रस्तावों और रणनीतिक निवेश योजनाओं को मंजूरी प्रदान की, जिसके बाद इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।
युवाओं को सीधे नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए हर महीने आठ जिलों में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेलों का आयोजन किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान अब तक 255 अप्रेंटिसशिप मेले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें चालू वित्त वर्ष में अब तक आयोजित 39 मेले भी शामिल हैं।