सिरसाः जिले में आज तड़के घर में आग लगने से दंपती संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार खंड डबवाली गांव के गीदड़ खेड़ा में घर में बेटे ने सुबह आग लगी देख शोर मचाना शुरू कर दिया। बेटे हरपाल ने बताया कि उसके घर के बगल में ही गुरुद्वारा है। जहां गुरु घर में पाठ चल रहा था।
सवेरे गांव के कुछ लोग गुरुद्वारे में माथा टेकने के लिए जा रहे थे। इस दौरान हरपाल ने माथा टेकने के लिए गुरुद्वारे में जा रहे लोगों को घर में आग लगने की सूचना दी। जिसके बाद लोगों ने काफी मशक्कत कर कमरे का दरवाजा तोड़ा। लोगों ने मौके पर घर में आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद कमरे से जले हुए पति-पत्नी के शव मिले। दोनों के सिर पर चोट के निशान भी थे।
कुछ लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस को दिए बयान में मृतक दंपती के 18 वर्षीय बेटे हरपाल सिंह ने बताया है कि आज सुबह करीब 4:30 बजे उसके घर के एक कमरे से आग की लपटें निकल रही थीं। उस कमरे में उसके पिता 40 वर्षीय पिता जसवंत सिंह और 37 वर्षीय मां मलकीत कौर सोए हुए थे। पुलिस को हरपाल ने बताया है कि आग लगने की दुर्घटना में उसके पिता और मां बुरी तरह झुलस गए थे। वे लहूलुहान थे और उनके सिर व शरीर पर चोट के निशान थे। ऐसा लग रहा था जैसे किसी तेजधार चीज से वार किया गया हो। मां के शरीर से तो आंतें भी बाहर आ गई थीं।
मामले की जानकारी देते हुए डबवाली की SP दीप्ति गर्ग ने बताया है कि मृतक के बेटे हरपाल सिंह और मृतक के भाइयों से जानकारी जुटाई गई है। जब हम घर पहुंचे तो आग बुझ चुकी थी और सामान बिखरा पड़ा था। फिलहाल, किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ है। दोनों लाशों को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए सामान्य अस्पताल डबवाली पहुंचा दिया गया है। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। बता दें कि दंपती का हरपाल इकलौता बेटा है। वह अभी अविवाहित है और ग्रेजुएशन के प्रथम वर्ष का छात्र है। दुर्घटना के समय वह घर के दूसरे कमरे में था।
