सेहत: कई बार ऐसा लगता है कि तेज धूप में काम करने वाले लोग ही सबसे ज्यादा डिहाइड्रेशन का शिकार होते होंगे लेकिन असल तस्वीर कुछ अलग है। कई बार पूरे दिन एसी में बैठे ऑफिस जाने वाले लोग दिन के अंत तक ज्यादा डिहाइड्रेटेड मिलते हैं। बस फर्क इतना है कि यह समस्या धीरे-धीरे और चुपचाप बढ़ती है। कपिल शर्मा ने अपने यूट्यूब चैनल पर इसका वीडियो भी शेयर किया। इसमें सभी अपने आने वाली फिल्म पर बात कर रहे हैं। नीतू कपूर ने बताया कि उन्होंने अपनी फिल्म की शूटिंग में कितना मजा आया और पहली नजर में यही लगता है कि तेज धूप में काम करने वाले लोग ही सबसे ज्यादा डिहाइड्रेशन का शिकार होते होंगे लेकिन असल तस्वीर कुछ अलग है।
कई बार पूरे दिन एसी में बैठे ऑफिस जाने वाले लोग दिन के अंत तक ज्यादा डिहाइड्रेटेड मिलते हैं। बस फर्क इतना है कि यह समस्या धीरे-धीरे और चुपचाप बढ़ती है। चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर एक्सपर्ट क्या कहते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह अब उनके लिए नई बात नहीं रही। उनके अनुसार, ऐसा लगता है कि बाहर काम करने लोग ज्यादा डिहाइड्रेट होंगे लेकिन व्यवहार में अक्सर ऑफिस में बैठे लोग ही कम पानी पीते हैं। इसकी वजह आलस नहीं बल्कि हमारा काम करने का तरीका और माहौल है।
एयर कंडीशनर का होता है असर
एयर कंडीशनर में बैठने से शरीर के संकेत कमजोर पड़ जाते हैं। आमतौर पर प्यास हमें पानी पीने का संकेत देती है लेकिन जब न पसीना आता है, न गर्मी लगती है तो यह संकेत धीरे-धीरे नजरअंदाज हो जाता है। ऐसे में घंटों से निकल जाते हैं। हमें एहसास भी नहीं होता कि शरीर पानी खो रहा है। ठंडी हवा आराम जरुर देती है लेकिन वह सूखापन भी बढ़ाती है। शरीर त्वचा और सांस के जरिए लगातार पानी खोता रहता है। बस यह नजर नहीं आता। यही कारण है कि एसी में बैठने वाले लोग बिना महसूस किए डिहाइड्रेशन की ओर बढ़ जाते हैं।
चाय और कॉफी भी नुकसानदायक
ऑफिस में चाय और कॉफी का चलन भी इस समस्या को बढ़ाता है। दिनभर लोग कई कप चाय या कॉफी पीते रहते हैं। मान लेते हैं कि उन्होंने पूरे तरल ले लिया है परंतु हकीकत यह है कि ये ड्रिंक्स पानी की जगह ले लेती है। उसे बढ़ाती नहीं है। लोगों को ऐसा लगता है कि वो दिनभर कुछ न कुछ पीते रहे हैं लेकिन असल में उनका शरीर उतना हाइड्रेट नहीं होता जितना होना चाहिए। यही कारण है कि दिन के अंत तक थकान और भारीपन महसूस होता है।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
डिहाइड्रेशन के लक्षण भी बहुत सामान्य लगते हैं कि जैसे हल्का सिरदर्द, ध्यान में कमी या शाम तक थकावट। लोग इन्हें काम का दबाव या नींद की कमी समझ लेते हैं जबकि कई बार असली कारण पानी की कमी होता है। लंबे समय तक बैठे रहने से यह समस्या और बढ़ जाती है। जब हम घंटों एक जगह बैठकर काम करते हैं शरीर के संकेतों पर ध्यान ही नहीं जाता है और न ही उठने का मौका मिलता है न पानी पीने का ध्यान आता है।
यदि लंबे समय तक पानी की कमी बनी रहे। इससे किडनी स्टोन या यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। ये असर तुरंत नहीं दिखते लेकिन धीरे-धीरे गंभीर हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इसका समाधान बहुत मुश्किल नहीं है। बस दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीने के आदत डालनी होगी। चाय कॉफी पर निर्भरता कम करनी होगी और बीच-बीच में उठकर ब्रेक लेना होगा।
