ऊना सुशील पंडित : गांवों को विकास, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन की सबसे मजबूत इकाई बताते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि गांव मजबूत और समृद्ध होंगे तो हिमाचल भी समृद्ध होगा। उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा, गरीब कल्याण, नशा उन्मूलन और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करने तथा गांवों को विकास की नई दिशा देने का आह्वान किया।
सोमवार को लता मंगेशकर कला केंद्र, समूरकलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उपमुख्यमंत्री ने ऊना जिले की 249 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों को पद-निष्ठा की शपथ दिलाई। समारोह में करीब 500 पंचायत जनप्रतिनिधि और उनके परिजन उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री अग्निहोत्री ने आह्वान किया कि सभी पंचायत प्रतिनिधि विकास और जनता के सवालों के समाधान के मामलों में राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर एकजुट होकर काम करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि गांवों और ऊना के भविष्य के निर्माता हैं तथा अगले पांच वर्षों में गांवों को क्या दिशा मिलेगी, यह काफी हद तक उनकी कार्यशैली और सोच पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान यदि किसी कारणवश कटुता पैदा हुई है तो उसे पीछे छोड़कर संवाद और सहयोग की नई शुरुआत करनी चाहिए। पंचायतों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए और हर पंचायत को विकास, शिक्षा, स्वच्छता, सामाजिक सरोकार और जनकल्याण के क्षेत्र में आदर्श बनने का प्रयास करना चाहिए। गरीबों की सेवा, युवाओं के भविष्य का निर्माण और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना देश के तेजी से विकसित हो रहे जिलों में शामिल है। जिले में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से देश की महत्वाकांक्षी बल्क ड्रग पार्क परियोजना स्थापित की जा रही है, जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार समान रूप से एक-एक हजार करोड़ रुपये का योगदान दे रही हैं। इसके अतिरिक्त मलाहत में अत्याधुनिक पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि माता श्चिंतपूर्णी मंदिर के समग्र विकास और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश सरकार लगभग 250 करोड़ रुपये व्यय करेगी। पहले चरण में इसमें सवा सौ करोड़ रुपये के करीब खर्चा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि पात्र लोगों को पेंशन, आवास और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। निराश्रित बच्चों, जरूरतमंद परिवारों और कमजोर वर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरती जाए। उन्होंने कहा कि नशा निवारण को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है और पंचायतें इसमें अग्रणी भूमिका निभाएं। चिट्टे सहित किसी भी प्रकार के नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों का किसी स्तर पर संरक्षण या बचाव न किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों को नशामुक्त बनाने की जिम्मेदारी पंचायत प्रतिनिधियों को अपने कंधों पर लेनी होगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशासनिक और न्यायिक अधिकार भी प्राप्त होंगे, इसलिए इनका उपयोग पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा पद का दुरुपयोग करने का प्रयास किया जाता है तो ऐसे मामलों को तुरंत संज्ञान लें। पंचायत प्रतिनिधि स्वयं भी अपने अधिकारों का उपयोग पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से करें। उन्होंने जिला प्रशासन से भी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय और सहयोग की भावना से कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष का कार्यकाल जनसेवा का एक महत्वपूर्ण अवसर है और इस अवधि में लिए गए संकल्पों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस शपथ को महज एक औपचारिकता नहीं समझना चाहिए। भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह है कि पंच से प्रधानमंत्री तक सभी जनप्रतिनिधि जनता के मत से चुनकर आते हैं। लोगों ने जिस विश्वास के साथ पंचायत प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है, उस विश्वास पर खरा उतरना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर विधायक राकेश कालिया, सतपाल सत्ती, सुदर्शन बबलू और विवेक शर्मा, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य विजय डोगरा, हिमाचल प्रदेश जल बोर्ड के सदस्य पवन ठाकुर, हिमाचल पथ परिवहन निगम के सदस्य अशोक ठाकुर, उपायुक्त जतिन लाल, एएसपी सुरेंद्र शर्मा,जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और उनके परिजन उपस्थित रहे।
