पठानकोटः पठानकोट में बारिश के चलते जालंधर-जम्मू नेश्नल हाईवे-44 पर बने अंडरपास में एक श्रद्धालुओं की बस फंस गई। जानकारी के अनुसार रेलवे अंडपास-3 के नीचे जलभराव हुआ पड़ा था। इसी दौरान एक बस पानी में फंस गई, बस में 55 यात्री मौजूद थे जो माता वैष्णो देवी के लिए देहरादून से आए थे।
बस में 13 बच्चों भी मौजूद थे। बस में पानी भरता देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस और सुड़क सुरक्षा फोर्स ने तत्परता दिखाते हुए संयुक्त रेस्कयू ऑपरेशन चलाया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
महिला श्रद्धालु रितिका ने बताया कि वे देहरादून से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में बस अचानक पानी में फंस गई। उन्होंने कहा कि पुलिस और एसएसएफ के जवानों ने उनकी जान बचाई और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
बस में फंसे यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते तुरंत कंट्रोल रूम से संपर्क साधा और रात ठीक 1:53 बजे बस के पानी में फंसने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम ने मुस्तैदी दिखाई और मौके पर पहुंच गई।
इसके साथ ही सुजानपुर थाना प्रभारी अरुण शर्मा भी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। एसएसएफ की टीम में तैनात सिपाही रमनदीप सिंह, आदेश कुमार, लखबीर चंद और रोहित कुमार ने स्थानीय लोगों व युवाओं के साथ मिलकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। थाना प्रभारी ने बताया कि इस पुल के नीचे अक्सर बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। इसी वजह से नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा ट्रैफिक को वन-साइड किया गया था।
रात के घने अंधेरे और मूसलाधार बारिश के कारण देहरादून से आ रही टूरिस्ट बस के ड्राइवर विनीत गुप्ता को पुल के नीचे जमा पानी की गहराई का बिल्कुल अंदाजा नहीं लगा। जैसे ही उसने बस को पुल के नीचे से पार निकालने का प्रयास किया, पानी अत्यधिक होने की वजह से इंजन में पानी घुस गया और बस बीच में ही बंद हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद मौके पर हाइड्रा मशीन बुलाई गई और पानी में फंसी टूरिस्ट बस को भी खींचकर बाहर निकाला गया। इस दौरान प्रशासन ने अपील की है कि बरसाती मौसम में अंडरपास या पुलों के नीचे पानी भरा होने पर वाहन चालक सावधानी बरतें।


