किन्नौर: हिमाचल प्रदेश मानसून की एंट्री के साथ कई जिलों में भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं किन्नौर जिले में भारी बारिश के बाद चोलिंग में मीरू नाले में फ्लैश फ्लड आ गया। इस दौरान काजा-किन्नौर -शिमला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे बंद हो गया है। दरअसल, मलबा और पत्थर सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसके अलावा, किन्नौर के ही रिब्बा में भी फ्लैश फ्लड आया और लोगों ने जागकर ही रात काटी। सुबह 3 बजे के करीब यहां रिब्बा में बाढ़ आई गई। फिलहाल, जानी नुकसान की सूचना नहीं है।
बाढ़ की चपेट में वाहन भी आए हैं। चोलिंग से आगे करछम की ओर असुरक्षित स्कूल भवन के पास मलबा आने से लोग सहमे हुए हैं। बाढ़ की चपेट में दो छोटे वाहन भी आए हैं। काजा-किन्नौर-शिमला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी कतारें लग गई हैं। प्रशासन के अनुसार सड़क मार्ग बहाल होने में करीब 5 घंटे का समय लग सकता है। किन्नौर प्रशासन को सूचना मिलते ही पुलिस एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गई है। वहीं, जिला किन्नौर के रिब्बा गांव में भी बाढ़ आ गई है।
डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि, “चोलिंग के पास मार्ग को साफ करने और फंसे वाहनों को निकालने के लिए भारी मशीनरी लगी हुई है। प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद है और बंद पड़े राष्ट्रीय उच्च मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।” किन्नौर प्रशासन ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि नदी-नालों और जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाएं. इसके अलावा अनावश्यक यात्रा और ट्रैकिंग से बचने की भी अपील की गई है। पहाड़ी एवं भूस्खलन संभावित इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। किसी भी तरह की आपदा होने पर आपदा प्रबंधन दल या जिला प्रशासन किन्नौर को सूचित करें।


