बीकानेरः खेत की डिग्गी में डूबने से 3 सगी बहनों की मौत का मामला सामने आया है। तीनों बहनें खेत में काम करने और पशुओं को पानी पिलाने के लिए गई थी, जहां एक बहन को बचाने के प्रयास में बाकी 2 बहनें भी डिग्गी में उतर गईं और सभी डूब गईं। घटना की जानकारी मिलने पर देर शाम तक तीनों के शव डिग्गी से निकाले और शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेजे है। पुलिस के अनुसार लड़कियां गुरुवार दोपहर से लापता थीं और देर शाम शव मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी मुताबिक, 23 साल की धापू पत्नी सुरजाराम, 18 साल की अनु और 17 साल की सुशीला बज्जू उपखंड मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर नख्तबन्ना सब माइनर की टेल पर परिवार के साथ रहती थीं। वहीं उनके पिता किसान खेताराम मेघवाल का खेत है और पूरा परिवार खेतीबाड़ी कर गुजर-बसर करता है। परिवार में कुल 7 बहनें और एक भाई है। इनमें से 3 बहनों की शादी हो चुकी है। गुरुवार दोपहर धापू, सुशीला और अनु पड़ोसी पुनाराम मेघवाल की डिग्गी पर खेत में काम करने, पशुओं को पानी पिलाने और कपड़े धोने गई थीं। घर से निकलते समय उन्होंने परिजनों को बताया था कि काम खत्म होने के बाद वे रिश्तेदार की ढाणी भी जाएंगी। काफी देर तक तीनों बहनें वापस नहीं लौटीं तो पिता खेताराम मेघवाल को चिंता हुई। उन्होंने रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन वहां से पता चला कि बहनें ढाणी तक पहुंची ही नहीं थीं। इसके बाद परिजन डिग्गी के पास पहुंचे। वहां हालात देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद ग्रामीणों को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्थानीय तैराकों को डिग्गी में उतारा गया, जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद 2 बहनों के शव बाहर निकाल लिए। तीसरी बहन का शव काफी देर तक नहीं मिलने पर पुलिस ने जेसीबी मशीन बुलाकर डिग्गी को तुड़वाया। इसके बाद तीसरे शव को भी बाहर निकाला गया। पुलिस ने कार्रवाई के बाद तीनों शवों को बज्जू उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। वहीं एक ही परिवार की तीन बेटियों की मौत की खबर से ग्रान्धी सहित आसपास के गांवों में मातम पसर गया है।

