नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर हैं। इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक होगी। इस दौरे के दौरान एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के क्षेत्र में 2 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
भारत यूएई ऊर्जा संबंधों की मुख्य बातें
यूएई हमारी ऊर्जा सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है। पिछले वर्ष यूएई वर्ष कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा स्त्रोत था इसके अलावा यूएई भारत के लिए एलनीजी का तीसरा सबसे बड़ा स्त्रोत है। भारतीय कंपनियों और यूएई की ADNOC गैस ने भारत को 4.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति साल LNG की आपूर्ति के लिए जल्दी आपूर्ति अनुबंध किए हैं। इस कारण भारत यूएई की LNG का सबसे बड़ा खरीददार बन चुका है।
इन सबके अलावा यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्त्रोत है जो हमारी लगभग 40% जरुरत पूरी करता है। यूएई भारतीय रिफाईनरियों के लिए पेट्रोलियम, तेल और पीओएल निर्यात का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। भारतीय कंपनियों ने संयुक्त अरब अमीरात के अपस्ट्रीम सेक्टर 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा निवेश किया है।
भारतीय कंपनियां करेंगी यूएई में निवेश
2018 में भारतीय कंपनियों के एक समूह (OVL,BPRL, IOCL) ने यूएई के लोअर जाकुम ब्लॉक में 10% हिस्सेदारी हासिल की। 2019 में भारतीय संयुक्त उद्यम कंपनी ऊर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड (BPRL और IOCL का संयुक्त उद्यम) ने अबू धाबी ऑनशोर ब्लॉक-1 में हिस्सेदारी ली।
जनवरी 2026 में BPRL ने अबू धाबी के ऑनशोर ब्लॉक में 1 तेल भंडार की खोज की पुष्टि की। पश्चिम एशिया में भारतीय कंपनियों द्वारा अपस्ट्रीम सेक्टर में यह अपनी तरह का पहला निवेश है। संयुक्त अरब अमीरात रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में भारत के साथ साझेदारी करने वाला पहला देश रहा है। 2018 में आईएसपीआरएल और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके अंतर्गत मंगलौर स्थित ISPRL की सुविधा में 50 लाख बैरल से ज्यादा लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल का भंडार करेगा।
रिन्यूएबल एनर्जी में भी समझौता
भारत और यूएई रिन्यूएबल एनर्जी के साथ में भी साथ बढ़ रहा है। अक्टूबर 2024 में MASDAR और राजस्थान सरकार के बीच 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों पक्षों ने ग्रिड इंटरकनेक्शन के लिए स्टडी शुरु कर दी। यूएई सितंबर 2023 में भारत की G-20 की अध्यक्षता के दौरान शुरु किए ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलांयस का एक्टिव फाउडिंग मेंबर भी है।

