नई दिल्लीः राजस्थान में भारत बंद के मुद्दे पर दलित जातियों में दो फाड़ देखने को मिल रही है। एससी-एसटी संघर्ष समिति राजस्थान के बैनर तले वाल्मीकि समाज, नट समाज, बावरी समाज, कालबेलिया समाज, कंजर समाज, धानका समाज और सपेरा समाज समेत 30 जातियों ने भारत बंद का विरोध किया है। संघर्ष समिति ने बंद के खिलाफ जयपुर कलेक्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा है। वाल्मीकि समाज संस्था के अध्यक्ष दीपक डंडोरिया ने कहा कि भारत बंद का वाल्मीकि समाज पूर्ण रूप से बहिष्कार करता है और यह मांग करता है कि राजस्थान सरकार इस फैसले को तुरंत लागू करे।
वहीं छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भारत बंद को लेकर ट्वीट किया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिखा कि कुत्सित राजनीति हो रही है। देश को अराजकता में झोंकने का षड्यंत्र। जब केंद्र सरकार ने अपनी राय स्पष्ट कर दी है कि ST-SC आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं होगा – तब 21 अगस्त 2024 को भारत बंद के आह्वान का औचित्य क्या है?
पूरे देश में एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद का असर देखने को मिल रहा है। पटना-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग पर हाजीपुर में गांधी सेतु पर भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने आगजनी करके सड़क जाम कर दिया। इसके बाद रोड पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई है। आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंद को बिहार में राजनीतिक पार्टियों का पूरा समर्थन मिला है। आरजेडी, चिराग के साथ वीआईपी ने भी बंद का समर्थन किया है।