अमृतसरः पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमत करीब 50 फीसदी बढ़ चुकी है। इससे तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा था और उन्हें हर महीने 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। वहीं मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब भारत में भी साफ़ दिख रहा है। वहीं 15 मई की सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी की।
पेट्रोल और डीजल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। पंजाब सहित देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें ₹100 प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गईं। जानकारी के अनुसार पेट्रोल की कीमतों में ₹3 से ₹3.60 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल पंपों पर आए लोगों ने इस बढ़ोतरी पर नाराज़गी ज़ाहिर की और कहा कि पहले ही महंगाई ने आम आदमी का बजट खराब कर दिया है।
लोगों का कहना है कि सैलेरी नहीं बढ़ रहीं, लेकिन रोज़मर्रा की चीज़ों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पेट्रोल और डीज़ल महंगे होने से परिवहन का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर सब्ज़ियों, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा। लोगों ने सरकार से मांग की कि पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण किया जाए ताकि आम जनता को कुछ राहत मिल सके। कुछ लोगों ने कहा कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है और सामान्य परिवारों के लिए घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा।

