ऊना/सुशील पंडित: प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी राजकुमार पठानिया ने कहा कि नगर निकाय चुनावों के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कार्यकाल और उसकी नीतियों से संतुष्ट नहीं है। जनता ने विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति पर अपना विश्वास जताते हुए भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक समर्थन दिया है।वहीं जनता ने मुख्यमंत्री सूक्खू व उनकी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को भी आईना दिखा दिया है, यही नही सरकार के सलाहकारों की भी पोल खोल दी है, जितने कैबिनेट रैंक थे , जनता ने सब् सलाहकारों के रैंक छीन लिए है। मुख्यमंत्री में दम है तो हमीरपुर व इस संसदीय क्षेत्र में हार् का जिम्मा ले।
उन्होंने कहा कि चार नगर निगमों के 63 वार्डों में से 37 वार्ड जीतकर भाजपा ने लगभग 59 प्रतिशत सफलता प्राप्त की है। तीन नगर निगमों में पूर्ण बहुमत प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि जनता विकास और परिणाम आधारित राजनीति के साथ खड़ी है। बही पर जिला ऊना में जिला परिषद में 17 में से 11 भारतीय जनता पार्टी के पार्षद जीत कर आये है ।
राजकुमार पठानिया ने कहा कि यह केवल स्थानीय निकाय चुनावों का परिणाम नहीं है, बल्कि प्रदेश सरकार के खिलाफ बढ़ते जनअसंतोष का स्पष्ट प्रतिबिंब है। जनता ने सरकार की आर्थिक नीतियों, बढ़ते कर्ज, प्रशासनिक विफलताओं और वादाखिलाफी के खिलाफ अपना मत दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में भी कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया, जो सरकार की घटती स्वीकार्यता को दर्शाता है। यदि मुख्यमंत्री जनमत और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हैं तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद पर बने रहने पर विचार करना चाहिए।
पठानिया ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, गरीब कल्याण के कार्यक्रमों और विकास कार्यों पर जनता ने एक बार फिर अपनी मुहर लगाई है। बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत को भी जनता ने समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों के परिणामों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि प्रदेश में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है और जनता अब केवल वादे नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है। यह जनादेश आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जाएगा।
जनता ने विकास को चुना है, भ्रम और वादाखिलाफी को नहीं। यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनविश्वास की जीत है।
