थाना का घेराव कर किया चक्का जाम, पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
होशयारपुरः जिले के थाना इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट पुरहीरा में उस वक्त हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पंजाब पुलिस में तैनात पति-पत्नी के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद ने थाने के अंदर ही हंगामे का रूप ले लिया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि अलग-अलग थानों से अतिरिक्त पुलिस बल और थाना मुखियों को मौके पर बुलाना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, एक नाबालिग नौजवान को लेकर थाने में दोनों पक्षों में विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि मां द्वारा नाबालिग की पिटाई थाना के अंदर की गई, जिसकी सूचना मिलते ही कई थानों में थाना मुखी रह चुका उसका चाचेरा पिता नौजवान को छुड़वाने के लिए थाने पहुंच गया।
ऐसे में जब वह नाबालिग को अपने साथ थाना से बाहर लेने लगा तो महिला कांस्टेबल मां ने विरोध करते हुए कहा कि “यह मेरा पुत्र है, तेरा नहीं।” इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते-देखते हाथापाई में बदल गई। थाना के अंदर ही दोनों पक्ष एक-दूसरे से उलझ पड़े, जिस कारण माहौल पूरी तरह गरम हो गया। इस घटना के दौरान थाना के मुखी की गैरहाजिरी के कारण स्थिति और बिगड़ गई। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए हुषियारपुर के कई थाना स्थानों से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को संभाला गया।
मामले ने उस वक्त और अधिक तूल पकड़ लिया जब बेगमपुरा टैगर फोर्स के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में थाना के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने थाना का घेरा डालते हुए सड़क पर चक्का जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि महिला कांस्टेबल ने उनके एक साथी को जाती-सूचक शब्द कहे। जिनकी उनके पास रिकार्डिंग भी थी।
उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच करके दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उधर, मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल इस घटना ने पुलिस महकमे और शहर में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। इस मौके पर जब वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों का राजीनामा करवा कर धरने को खत्म कर माहौल शांत करवाया गया।
