अयोध्याः राम मंदिर चोरी मामले को लेकर विवाद बढ़ता ही रहा है। वहीं इस मामले को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का बयान सामने आया है, जहां वह भावुक हो गए। उन्होंने इंडोनेशिया के जकार्ता में कहा- रावण तो ये भी हैं बस रूप बदल गए हैं। रावण ने तो केवल माता जानकी जी की चोरी की थी। राम मंदिर के दानपात्र से लाखों-करोड़ों लोगों की श्रद्धा और भरोसा चोरी हुआ। हमें खबर मिली है कि FIR हुई है। अभी और जांच हो। पक्का है और पकड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि सच तो सच है, जिसको बुरा लगता है उसे लगे।
रावण ने माता जानकी जी की चोरी की थी, उसका परिणाम ये निकला कि उसका परिवार नाश हो गया। चढ़ावा चोरी करने वाले सरकारी दंड तो पाएंगे ही ही, भगवान भी महादंड देंगे। बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित की गई है। मामले में प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस मामले में 8 लोगों को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। साथ ही आरोपी बनाए गए 8 नामजद को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
जिन 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव व रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल हैं। इनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज हुई। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 को नामजद किया गया। हालांकि, चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं।
