लुधियानाः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरु नानक भवन में आयोजित नशा विरोधी मुहिम ‘सूरमा’ की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नशे को मात देने वाले युवाओं को सूरमा कहकर सम्मानित किया और उन्हें खास अंगूठी पहनाई। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जो भी युवा अपना कोई काम शुरू करना चाहता है, सरकार हर संभव मदद करेगी। सीएम मान ने दावा किया कि पंजाब अब कई क्षेत्रों में देश के लिए मॉडल बन रहा है। उन्होंने कहा कि नशे से बाहर निकले इन सूरमाओं को सम्मानित करने से उन्हें यह एहसास होगा कि समाज ने उन्हें फिर से अपना लिया है।
उन्होंने कहा कि नशा छोड़ चुके युवा दूसरों के लिए प्रेरणा हैं और वो खुद किसी सूरमा से कम नहीं है। सीएम मान ने कहा कि पंजाब एक बार फिर ‘रंगला पंजाब’ की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी को यह समझ आ जाए कि नशे से बाहर निकलना क्यों जरूरी है, तो वह खुद इससे दूर होने की कोशिश करता है। पंजाब से नशे के कलंक को मिटाया जा रहा है। सरकार केवल माहौल बना सकती है, लेकिन बदलाव की कोशिश युवाओं को खुद करनी होगी। नशे में फंसे ये युवा अब दूसरे लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 3,000 जिम और 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, ताकि युवा खेलों से जुड़कर स्वस्थ जीवन जी सकें। खेल नशे से दूर रखने का सबसे अच्छा माध्यम हैं। सीएम मान ने कहा कि बच्चों की अच्छी शिक्षा ही गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी रास्ता है। सरकारी योजनाओं का उद्देश्य लोगों को बेहतर अवसर देना है, ताकि वे अच्छे पैकेज वाली नौकरियां हासिल कर सकें। उन्होंने बताया कि सरकार 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कार्ड उपलब्ध करा रही है और 2,600 बीमारियों के इलाज की व्यवस्था की गई है।

