अमृतसरः शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कनाडा के सरे में स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा को भेजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों के बारे में फैल रही अफवाहों को खारिज कर दिया है।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के पीए जसकरण सिंह द्वारा जारी वीडियो में स्पष्ट किया गया है कि कुछ पक्ष यह दुष्प्रचार फैला रहे थे कि भेजे गए पवित्र स्वरूप (बीर) क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं, लेकिन ये दावे पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं।
वीडियो में बताया कि भेजा गया पवित्र स्वरूप जिसमें बीर नंबर 269 का भी उल्लेख है। वह पूरी तरह सुरक्षित और अच्छी स्थिति में गुरुद्वारा साहिब पहुंच गया है। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया कि पवित्र स्वरूप भेजने की पूरी प्रक्रिया श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा वर्ष 2009 में जारी नियमों (उप-नियमों) के अनुसार अपनाई गई है। इस नियम के तहत विशेष पालकियों और कंटेनरों के माध्यम से समुद्री मार्ग से या चार्टर्ड विमान के जरिए विदेशों में पवित्र स्वरूप भेजने की अनुमति दी गई है।
जसकरण सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे तथ्यों की पुष्टि किए बिना गलत प्रचार करने या अपनी सम्मानित धार्मिक संस्थाओं को बदनाम करने से बचें। उन्होंने कहा कि यदि समय की आवश्यकता के अनुसार नियमों में किसी बदलाव की आवश्यकता लगती है, तो इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब को सार्थक सुझाव भेजे जा सकते हैं, ताकि परंपराओं और मर्यादा के अनुसार उचित निर्णय लिया जा सके।
फिलहाल, जारी वीडियो के माध्यम से स्पष्ट कर दिया गया है कि कनाडा भेजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके क्षतिग्रस्त होने के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।