नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से सैन्य टकराव का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में अमेरिका ने क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी जारी की है। अमेरिका का कहना है कि हालात तेजी के साथ बिगड़ सकते हैं। ऐसे में यह चेतावनी सऊदी अरब को निशाना बनाकर हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच में आई है।ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका उसके खिलाफ दोबारा बमबारी अभियान शुरु करने की तैयारी कर रहा है। वहीं न्यूयॉर्क में इस हफ्ते होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले ही वॉशिंगटन के पहले कदम को लेकर भी समस्या बढ़ रही है।
अमेरिकी नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह
तनाव बढ़ने के कारण ईरान में स्थित अमेरिका के दूतावासा ने सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। इसमें अमेरिका के नागरिकों से किसी भी कारण से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है। वहीं जो अमेरिकी नागरिक पहले से ही ईरान में मौजूद है उनको देश छोड़ने के लिए कहा गया है।
इससे एक दिन पहले भी अलर्ट जारी किया गया है। इस अलर्ट में यह कहा गया है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते सुरक्षा स्थिति खराब हो रही है। अचानक हालात बिगड़ सकते हैं। अमेरिकों को अलर्ट रहने संभावित उड़ानों को रद्द करने, हवाई क्षेत्र को बंद होने और यात्रा में रुकावट के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।
कैंप डेविड में छुट्टियों से लौटे ट्रंप
वहीं बीते दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कैंप डेविड में अपनी छुट्टियों से वापिस लौट आए हैं। ट्रंप के वापिस आने की अभी कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। वहीं अमेरिका के विदेश विभाग ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है।
मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि भविष्य में बहुत बड़ी चीजें होने वाली है। उनका कहना है कि ईरान को पूरी तरह खत्म करना, उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर होने देना या समझौता करना ही अब अमेरिका का मकसद है।
ईरान ने दी चेतावनी
इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी की आईआरजीसी ने यह चेतावनी दे दी है कि यदि अमेरिका ने हमला किया तो क्षेत्र में अमेरिकी हितों के खिलाफ लगातार जवाबी कार्रवाई की जाएगी। आईआरजीसी का यह कहना है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने और हित लगातार प्रभावी और नुकसान पहुंचाने वाले हमलों का निशाना बन सकते हैं।