नई दिल्लीः अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में 5.2 की तीव्रता से भूकंप आया है। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र धरती से करीब 190 किलोमीटर की गहराई पर था। फिलहाल इसके असर की जानकारी सामने नहीं आई है। अफगानिस्तान में यह भूकंप ऐसे समय में आया है, जब तिब्बत के इलाके में पिछले कुछ समय से लगाातर धरती कांप रही है। हाल में तिब्बत के ल्हासा में आए 7.0 की तीव्रता के भूकंप में 16 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 76 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इमारतों और घरों को काफी नुकसान पहुंचा था।
सामने आई जानकारी के मुताबिक करीब 12,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। इस घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 10.33 पर नागकू शहर की बाकेन काउंटी में यह भूकंप आया था। इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था। चीन एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी निगम (सीएएससी) ने शुक्रवार को बताया कि बचाव कार्यों में मदद के लिए चीन ने भूकंप प्रभावित इलाके में आपातकालीन संचार सुविधा देने और वहां की तस्वीरें लेने के लिए उपग्रहों और मानवरहित विमानों को तैनात किया है।
बता दें, तिब्बती पठार को भूकंप के खतरे के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यह क्षेत्र उस स्थान के ठीक ऊपर स्थित है, जहां यूरेशियाई एवं भारतीय टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, जिससे भूकंपीय कंपन पैदा होती है। ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, चीन ने भूकंप के बाद आपातकालीन आपदा राहत के लिए लगभग 75 लाख अमेरिकी डॉलर (पांच करोड़ युआन) आवंटित किए हैं और पुनर्वास कार्यों के लिए तीन करोड़ युआन की अतिरिक्त राशि निर्धारित की है।