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कुपोषण से लड़ने को आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलेगी स्पिरूलिना बार, मल्टीग्रेन एनर्जी बार व फ्रूट बार

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जिला में कुपोषण को भगाएगी पोषण मैत्री किट, जिला प्रशासन सीएसआईआर के साथ मिलकर करने जा रहा कार्य 

ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना में कुपोषण की समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन केंद्र सरकार के उपक्रम सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर के साथ मिलकर एक नई पहल शुरू करने जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में अब तक दलिया व बिस्कुट इत्यादि चीज़ें पोषण के लिए प्रदान की जा रही हैं, लेकिन सीएसआईआर के सहयोग से ऐसे पोष्टिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जो खाने में स्वादिष्ट तो होंगे ही, साथ ही उन्हें पोषक तत्व भी अधिक मात्रा में होंगे। इन्हें पोषण मैत्री का नाम दिया गया है, जो जिला के बच्चों के साथ-साथ गर्भवती व धात्री महिलाओं को दी जाएंगी। 

जिलाधीश ऊना राघव शर्मा ने बताया कि एक बैठक में सीआईएसआर के साथ इस मामले पर विस्तार से चर्चा हुई है। सीएसआईआर-आईएचबीटी ने कई ऐसे उत्पाद तैयार किए हैं, जिनमें आयरन, कैल्शियम तथा प्रोटीन का मात्रा अन्य खाद्य सामग्री के मुकाबले ज्यादा है। जिला प्रशासन इन उत्पादों को आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को खिलाएगा, ताकि कुपोषण की समस्या को जिला ऊना में शून्य किया जा सके। बच्चा स्वस्थ हो, इसलिए यह पोषक उत्पाद गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को भी दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर एक साल के लिए सीएसआईआर-आईएचबीटी के साथ समझौता किया जाएगा और फिर इसके नतीजे सामने के बाद आगामी रणनीति तय होगी। सीएसआईआर-आईएचबीटी को इस संबंध में विस्तृत डीपीआर बनाने को कहा गया है। 

महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों की संख्या का डाटा एकत्र करने में जुट गया है। बच्चों की संख्या तथा उन्हें प्रदान की जाने वाले सीएसआईआर-आईएचबीटी के उत्पाद सामग्री की मांग का हिसाब किताब लगाना भी आरंभ कर दिया गया है, ताकि इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द आगे बढ़ाया जा सके। 

जिला कार्यक्रम अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि सीएसआईआर-आईएचबीटी ने मल्टीग्रेन हाई प्रोटीन पाउडर तैयार किया है, जिसे लड्डू के रूप में या दूध में घोल कर बच्चों को दिया जा सकता है। इसके अलावा स्पिरूलिना बार, मल्टीग्रेन एनर्जी बार (आयरन तथा जिंक युक्त) तथा आयरन व कैल्शियम से भरपूर फ्रूट बार जैसे उत्पाद भी तैयार किए हैं। इन्हें अलग-अलग स्वाद में तैयार किया जा सकता है, ताकि बच्चों इन्हें खाना पसंद करें। यह सभी उत्पाद खाने में स्वादिष्ट हैं और पोषण में कई ब्रांडेड उत्पादों से भी आगे हैं। 

सीएसआईआर-आईएचबीटी के उत्पादों में किसी भी फल का पल्प इस्तेमाल किया जा सकता है तथा इसमें मसालों का मिश्रण किया जाता है। मसालों के मिश्रण से शरीर आयरन को बेहतर ढंग से ग्रहण करता है। इसके अलावा इनमें कोई भी एडिटिव्स या प्रिज़रवेटिव्स का भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है और इन्हें उत्पादन के छह माह तक बिना खराब हुए उपयोग में लाया जा सकता है। जिला प्रशासन ऊना व सीएसआईआर-आईएचबीटी इस ब्लूप्रिंट पर काम कर रहा है, जो जल्द भी धरातल पर उतारा जाएगा। 

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