अयोध्याः श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामला अब तूल पकड़ना शुरू हो गया है। मामला 7 जून को सामने आया था, जिसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया।
एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी। इसके बाद जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। इस मामले में पुलिस ने आठ नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपितों को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनसे पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड की मांग कर सकती है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई। प्राथमिकी में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को नामजद किया गया है। इनमें अधिकांश लोग चढ़ावे की गणना और दान प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। हालांकि, एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं।
हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेशदास महाराज ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी मामले में एफआईआर दर्ज होने पर कहा कि मैं SIT द्वारा की जांच के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। इन सरकारों ने विपक्ष द्वारा लगाए चोरी के आरोपों को जिस तरह से हैंडल किया है। रिपोर्ट आने के बाद भी ये लोग चिल्लाना बंद नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। जिस तरह से जुर्म किया गया है, उन्हें सजा मिलेगी, कोर्ट उन्हें सजा देगा।

