शिमला: जनगणना विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना के द्वितीय चरण का कार्य 1 सितम्बर से शुरू हो गया है। यह महत्वपूर्ण चरण प्रदेश के सभी चिन्हित हिमाच्छादित क्षेत्रों में 30 सितंबर, 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस अवधि के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना से संबंधित आंकड़े एकत्रित करेंगे।
भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस चरण में प्रदेश के पूर्ण एवं आंशिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें जिला शिमला, किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति पूरी तरह से हिमाच्छादित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जबकि चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिले आंशिक रूप से हिमाच्छादित क्षेत्र की श्रेणी में शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए जनसंख्या गणना का कार्य समयबद्ध पूरा किया जाएगा।
जिन परिवारों ने स्व-गणना पूरी कर ली है, वे प्रगणक के आने पर अपनी स्व-गणना आई. डी. अवश्य साझा करें। यदि किसी कारणवश स्व-गणना नहीं की गई है, तो भी प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। उन्होंने बताया कि आम नागरिक जनगणना सम्बन्धी किसी भी जानकारी के लिए जनगणना हेल्पलाइन 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। उत्तरदाता द्वारा दी गई समस्त जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय है।