चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित देशव्यापी ‘गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ के संबंध में सरकारी प्रस्ताव पेश किया और सदन में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि गत 29 जुलाई, 2026 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुआ यह अभियान 20 फरवरी, 2027 तक चलेगा।
हरियाणा में श्री गुरु रविदास जी की जन्मस्थली की पावन मिट्टी की कलश यात्रा 4 अगस्त, 2026 को पहुंची तथा इसके स्वागत में 5 अगस्त, 2026 को गुरुग्राम स्थित माता शीतला मंदिर परिसर में भव्य समारोह आयोजित किया गया।
5 अक्तूबर से 5 नवंबर तक हरियाणा में चलेगी समरसता यात्रा
नायब सिंह सैनी ने कहा कि समरसता यात्रा आगामी 5 अक्तूबर को हरियाणा में पहुंचेगी और 5 नवंबर, 2026 तक चलेगी। यात्रा के स्वागत के लिए इसके मार्ग में पूरे प्रदेश में प्रवेश द्वार और स्वागत स्थल तैयार किए जाएंगे तथा जनसभाएं आयोजित की जाएंगी।
भक्ति आंदोलन के माध्यम से समाज में नई जागृति लाई
नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का जन्म 649 वर्ष पहले माघ पूर्णिमा के पावन दिन काशी की पुण्य भूमि पर हुआ था। उनका व्यक्तित्व पूर्णिमा के चंद्रमा की तरह शीतल एवं उज्ज्वल था। उन्होंने भक्ति आंदोलन के माध्यम से समाज सुधार का साहसिक और ऐतिहासिक कार्य किया। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी का अमर संदेश ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ हमें सिखाता है कि यदि नीयत साफ हो, भाव पवित्र हों और कर्म लोक-कल्याण के लिए हों, तो साधारण से साधारण स्थान भी तीर्थ बन जाता है।
प्रधानमंत्री ने गुरु रविदास जी की जन्मस्थली पर शीश नवाया
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2016 में उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर जाकर शीश नवाया था। हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र के उमरी में 5 एकड़ भूमि पर भव्य गुरु रविदास धाम बना रही है। इसका भूमि पूजन 15 मार्च, 2024 को किया गया था। इस परियोजना पर लगभग 124 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परिसर में संत रविदास जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।