सीतापुरः सिधौली कोतवाली इलाके में तहसील परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम कार्यालय में तैनात पेशकार अनुपम श्रीवास्तव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एंटी करप्शन टीम ने एक लाख रुपये लेते काबू किया है। जिसके बाद टीम दोषी को गिरफ्तार कर साथ ले गई। जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन टीम को शिकायत मिली थी अटरिया थाना इलाके ग्राम मऊ निवासी चंद्र प्रकाश मिश्रा का एक वाद तहसील में चल रहा था। आरोप है कि एसडीएम कार्यालय में तैनात पेशकार अनुपम श्रीवास्तव द्वारा दाखिल-खारिज से जुड़े एक मामले में आपत्ति निरस्त करने के एवज में 1 लाख कीरिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत के आधार पर टीम ने योजना बनाकर तहसील परिसर में कार्रवाई की। बताया जाता है कि टीम के अधिकारी पहले से ही तहसील परिसर में मौजूद थे और जैसे ही पेशकार ने शिकायतकर्ता से 1 लाख 7 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। दरअसल, सिधौली तहसील के एक पीड़ित ने दाखिल-खारिज निरस्त किए जाने के संबंध में उपजिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दी थी। आरोप है कि इसी मामले में कार्रवाई करने के नाम पर पेशकार अनुपम श्रीवास्तव ने पीड़ित से एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। कार्रवाई के दौरान एंटी करप्शन टीम ने आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपी को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद तहसील प्रशासन में भी हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं अन्य कर्मचारियों में भी कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी हुई है। एंटी करप्शन टीम में शामिल सदस्य ने नाम न बताते हुए कहा कि अभी गोपनीय चीजें है मुकदमा लिखने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा।
