घटना के बाद वीडियो जारी कर कही ये बात
ओटावाः कनाडा में ट्रांसपोर्ट कंपनी के ऑफिस में ट्रांसपोर्ट मालिक की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है जहां, एक निहंग सिंह के साथ मारपीट कर उनकी दाढ़ी भी खींची गई। वहीं घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें 2 लोगों के बीच झड़प होते हुए दिख रही है। मारपीट का करण ट्रक ड्राइवर के पैसों को लेकर बताया जा रहा है। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक भी सामने आया है। उसने विवाद बढ़ने पर माफी मांगी।
ड्राइवर के मुताबिक, कुछ दिन पहले उसकी कंपनी के ट्रक का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उसी कंपनी का दूसरा ड्राइवर ट्रक चला रहा था और वह खुद ट्रक के पीछे सो रहा था। नियमों के अनुसार उसकी कोई गलती नहीं थी, फिर भी कंपनी ने कहा कि उसके पैसे भी काट लिए जाएंगे। इसके बाद उसने यह बात निहंग सिंह को बताई। जब वह इस मामले में बात करने गया, तो वहां के मालिक रमन ने उस निहंग की दाढ़ी को पकड़ लिया और साथ ही उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान मालिक रमन ने कई अपशब्द भी बोले।
वहीं, दूसरी ओर रैपिडएक्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक रमन ने वीडियो जारी कर कहा कि 23 अप्रैल को जब वह अपने ऑफिस से बाहर जा रहा था तो इस वक्त अपने ड्राइवर के साथ बातचीत कर रहा था। तभी निहंग वहां आया और वीडियो बनाने लगा, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। इसके बाद वह वहां से चला गया। बाद में वही निहंग उनके ऑफिस आया और वहां गलत व्यवहार करने लगा। उसने ऑफिस के फ्रंट गेट को भी नुकसान पहुंचाया और महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
रमन ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए उसने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान हम दोनों के बीच झड़प हो गई। वे उस व्यक्ति को न तो जानते हैं और न ही पहचानते हैं। अगर कोई इस तरह से ऑफिस में आकर हंगामा करेगा, तो कोई भी व्यक्ति आत्मरक्षा में कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था कि निहंग के केशों को छुएं या किसी भी तरह की बेअदबी करें। रमन ने ट्रक ड्राइवर के पैसों के विवाद को लेकर कहा कि ये सब झूठ है और कहा कि उसने कभी भी यह नहीं कहा कि वह उसके पैसे काटेगा। उसने सिर्फ इतना कहा था कि घटना की रिपोर्ट भर दो, क्योंकि जो ट्रक चलाया जा रहा था, उसके अंदर लगा कैमरा टूटकर गिर गया था, जिसकी वजह से उन्हें कोई वीडियो या फोटो नहीं मिल पाई। यह सब बीमा (इंश्योरेंस) के उद्देश्य के लिए जरूरी था, क्योंकि ड्राइवर का बयान होना आवश्यक होता है। इसके अलावा कोई भी गलत बात नहीं कही। उसने कहा कि उसे समझ नहीं आया कि यह मुद्दा इतना बड़ा कैसे बन गया और जो ड्राइवर उस समय ट्रक चला रहा था, वह आज भी उसकी कंपनी में काम कर रहा है।
