लुधियानाः जिले के मुल्लापुर इलाके के पास गांव चंड में संदिग्ध परिस्थितियों में महिला की मौत हो गई। 2 साल पहले महिला का शादी हुई थी और अब उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को जहरीली वस्तु देकर मार दिया गया। दरअसल, देर रात डीएमसी अस्पताल के बाहर परिवार सहित गांव के लोग इकट्ठे हुए और उन्होंने कहाकि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती वह तब तक धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी होने के बाद और इंसाफ मिलने के बाद ही पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। गांव के पंच मनप्रीत सिंह ने कहा कि गांव की बेटी की मोगा में शादी हुई थी। आरोप हैकि महिला की पहले ही मौत हो गई थी और ससुराल पक्ष ने मायके परिवार को कुछ नहीं बताया।
आरोप है कि पड़ोसियों ने फोन करके घटना के बारे में बताया कि महिला की हालत खराब है और उसे अस्पताल ले जाया गया। जिसके बाद वह अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि महिला की मौत हो गई। पंच का कहना है कि डॉक्टर ने उन्हें मरने की वजह नहीं बताई गई, लेकिन पता चला है कि महिला को जहरीली वस्तु देकर मारा गया। आरोप है कि शादी के बाद से ही बेटी काफी डरी रहती थी। परिवार का आरोप है कि ससुराल घर में माता-पिता, ननंद और पति उसके साथ मारपीट करते थे। ससुराल पक्ष महिला को अस्पताल में दाखिल करवाकर मौके से फरार हो गए और उनके फोन बंद आ रहे है। वहीं मृतक महिला के पिता ने कहा कि झंडे गांव के रहने वाले से दो साल पहले उनकी बेटी की मोगा शहर में शादी हुई थी।
शादी के कुछ समय बाद ही लड़की को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था। कुछ दिन पहले बेटी ने फोन करके अपने पिता से बात करके कहा था कि मुझे परेशान किया जा रहा है। उसके बाद उसके पिता के मुताबिक देर शाम उन्हें फोन आया कि उनकी बेटी लुधियाना डीएमसी में मृत पड़ी है, उसे ले आओ। इसके बाद झंडे गांव के लोग मिलकर डीएमसी अस्पताल पहुंचे तो उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी। इस मामले में जब मृतक महिला के पति से फोन पर बातचीत की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन पर कहा कि मुझे खुद नहीं पता कि उसकी कैसे मौत हुई है। मृतक महिला के पति ने कहाकि वह अस्पताल से फरार नहीं हुआ है बल्कि वह मोगा में घर के नज़दीकी थाने में बैठा मामले को लेकर आया है और पुलिस को पूरी स्थिति से अवगत करा रहा हूं। उन्होंने मेरे ससुराल परिवार मुझ पर आरोप क्यों लगा रहा है, इसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता और वह अस्पताल में ससुराल पक्ष के सामने से आया हूं।

