जालंधर, ENS: शहर की पूर्व महिला अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता आरती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। वीडियो में एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी पर ट्रक चालक से कथित तौर पर ₹100 रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। आरती का दावा है कि जालंधर की मुख्य सब्जी मंडी के पास नो एंट्री क्षेत्र में ट्रक को शहर के अंदर आने की अनुमति देने के बदले पुलिसकर्मी ने पैसे लिए। वीडियो के अनुसार ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी करने के बजाय अपनी गाड़ी में बैठा हुआ था और आरोप है कि बिना किसी बैरिकेड के ट्रकों को रोका जा रहा था।
आरती और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मी को घेर लिया। वीडियो में एक ट्रक चालक से पूछताछ की गई, जिसमें उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पुलिसकर्मी को ₹100 दिए हैं। इसके बाद आरती और ट्रैफिक पुलिसकर्मी के बीच बहस भी हुई। आरती ने पुलिसकर्मी से सवाल करते हुए पूछा कि गाड़ी में बैठकर ड्यूटी कैसे की जा रही है और पैसे किस बात के लिए लिए गए हैं।
पुलिसकर्मी ने सफाई देते हुए कहा कि उसने ट्रक को रोका था, लेकिन मौके पर बैरिकेड नहीं होने को लेकर उसकी दलीलों पर सवाल उठाए गए। आरती ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से इलाके में अवैध वसूली और ट्रैफिक जाम की शिकायतें मिल रही थीं। उनका कहना है कि जानबूझकर नाका और बैरिकेड नहीं लगाए जाते ताकि ट्रकों से कथित तौर पर पैसे लेकर उन्हें नो एंट्री में प्रवेश दिया जा सके फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

