पठानकोटः सिविल अस्पताल के पास नशा छुड़ाओं केंद्र से गोलियां लेने के बाद दो गुटों में झड़प होने की घटना सामने आई है। दोनों गुटों में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। जिसमें देखा जा सकता है कि नशेड़ियों ने आपस में लड़ते हुए एक-दूसरे पर पत्थरों और ईंटों से हमला कर दिया। जिसमें कुछ युवक लहूलुहान हो गए। दुकानदारों ने बताया कि 2 गुटों में किसी लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक नशेड़ी ने दूसरे के सिर पर ईंट मार दी, जिससे वह लहूलुहान हो गया।
घायल युवक ने पास ही स्थित एक लहंगा स्टोर के अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन दुकानदारों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद, घायल युवक ने दुकान के बाहर डिस्प्ले पर लगी डमी (पुतलों) और उन पर टंगे कीमती लहंगों व गाउन से अपने खून से सने सिर और हाथ पोंछे, जिससे कपड़े पूरी तरह खराब हो गए। दुकानदारों के मुताबिक, इस हुड़दंग में उनकी डमी भी टूट गई, जिससे उनका करीब 10 हजार का नुकसान हुआ है।
पीड़ित दुकानदार बिशन दास ने कहा कि पिछले कई दिनों से इस समस्या से दुकानदार जूझ रहे हैं। सुबह 8 बजे से ही ये लोग यहां जमा हो जाते हैं, जिससे हमें दुकानें खोलने में भी डर लगता है। हमारी दुकानों पर काम करने वाला ज्यादातर स्टाफ लड़कियां हैं और हमारे ग्राहक भी महिलाएं ही हैं। सरेआम गंदी गालियां और ईंट-पत्थर चलने के कारण महिलाएं बाजार आने से कतरा रही हैं, जिससे हमारा कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।
दुकानदारों ने यह भी अंदेशा जताया कि जिस तरह बड़े-बड़े पत्थर और ईंटें चलती हैं, उससे दुकानों के बड़े शीशे टूटने और किसी निर्दोष ग्राहक को चोट लगने का हर समय खतरा बना रहता है। घटना के तुरंत बाद दुकानदारों द्वारा 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, बाजार वासियों का कहना है कि पुलिस की अस्थाई कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। उन्होंने प्रशासन और पुलिस विभाग से पुरजोर मांग की है कि इस जगह से नशा छुड़ाओ केंद्र में आने वाले युवकों के जमावड़े को स्थायी रूप से हटाया जाए। बाजार में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।

