चंडीगढ़ः मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने मजदूरों को समर्पित विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित किया। विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव रखा गया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में मंत्रिमंडल में विश्वास जताने वाला प्रस्ताव पेश किया था। जिसके बाद विधानसभा में आप पार्टी सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। 94 में से 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में वोट दिया। वहीं 4 विधायक गैरहाजिर रहे, जबकि 2 विधायक लालजीत सिंह भुल्लर और हरमीत सिंह पठानमाजरा जेल में बंद हैं।
दरअसल, पंजाब में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार पर बहुमत साबित करने का दबाव बन सकता था और विरोधी पार्टियां अविश्वास प्रस्ताव ला सकती थी। ऐसी स्थिति में सरकार ने पहले ही विश्वासमत लाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि उसके पास पूरा बहुमत है। इसलिए फ्लोर टेस्ट करवाया गया और उसमें सरकार ने बहुमत साबित करके दिखाया।
दरअसल, पंजाब कांग्रेस पहले ही दावा कर रही थी कि करीब 50 से 65 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। बस भाजपा बंगाल चुनाव के रिजल्ट का इंतजार कर रही है। लेकिन सीएम मान ने कांग्रेस के दावों का फ्लोर टेस्ट से जवाब दे दिया है। बता दें कि आज सीएम मान ने मजदूर दिवस पर मजदूरों को बड़ा तोहफा दिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर विधानसभा स्पीकर ने सर्वसम्मति से मिनिमम मजदूरी में 15 प्रतिशत के प्रस्ताव को पास कर दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान मई 6 से 9 तक धन्यवाद शुक्राना यात्रा पंजाब में करेंगे। इस यात्रा में विधायक भी शामिल होंगे। गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त सजा के प्रावधान वाला बिल “जागत जोत श्री श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अमेंडमेंट बिल” जो अब कानून की शक्ल ले चुका है उसके लिए लोगों का धन्यवाद करेंगे। इस दौरान ये यात्रा अमृतसर, आनंदपुर साहिब, तलवंडी साबो और कुछ अन्य धार्मिक जगहों पर निकाली जाएगी।
