कपूरथला: ढिलवां में देर रात युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में अब परिवार का पक्ष सामने आया है। मृतक की माता और उसके एक दोस्त ने बताया कि गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निजर जिसकी उम्र करीबन 34 उम्र घटना वाले दिन शाम लगभग 7 बजे घर से यह कहकर निकला था कि वह अमृतसर-दिल्ली हाईवे पर ढिलवां टोल प्लाजा के पास एक रेस्टोरेंट में किसी से मिलने जा रहा है। कुछ ही समय बाद परिवार को सूचना मिली कि अज्ञात हमलावरों ने उसे गोलियां मार दीं, जिससे उसकी मौत हो गई।
मां का बयान और पुराना संबंध
मृतक की माता के अनुसार, गुरप्रीत सिंह का संबंध गैंगस्टर सुखा कालवा से पहले दोस्ती के रूप में रहा था और दोनों पहले साथ रहते थे। जब सुखा कालवा की हत्या हुई थी, उस मामले में गुरप्रीत सिंह एक अहम गवाह था। मां का कहना है कि उसी समय से उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं और कुछ समय पहले उस पर हमला भी हुआ था, जिसमें वह बच गया था।
मामलों को लेकर परिवार का पक्ष
परिवार ने स्वीकार किया कि गुरप्रीत सिंह पर कुछ आपराधिक मामले दर्ज थे, लेकिन उनके अनुसार वे मामले सुलझने की स्थिति में थे।
मां ने जताई पीड़ा
मृतक की माता ने बताया कि वह अक्सर अपने बेटे को देर रात बाहर जाने से रोकती थीं, लेकिन वह कहता था कि उसे किसी बात का डर नहीं और “रब राखा है “। उन्होंने कहा कि बेटे की मौत से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है और उनका एकमात्र सहारा छिन गया है।
परिवार की स्थिति
परिवार में उसकी दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और वे विदेश में रहती हैं। एक बेटा भी विदेश में रहता है। गुरप्रीत सिंह अपनी मां, पिता, भाई की पत्नी और बच्चे के साथ घर में रहता था और परिवार की देखभाल करता था।
दोस्तों का बयान
मृतक के दोस्तों ने बताया कि वह सरल स्वभाव का और धार्मिक विचारों वाला व्यक्ति था। साथ ही एक दोस्त ने यह भी बताया कि विकी गौंडर ग्रुप के साथ भी उसकी पुरानी रंजिश चल रही थी। घटना वाले दिन भी उसने फोन कर बताया था कि वह किसी से मिलने जा रहा है, जिसके कुछ समय बाद उसकी हत्या की खबर मिली।
इंसाफ की मांग
परिवार और दोस्तों ने पुलिस से इस मामले में जल्द न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब से वह सुखा कालवा हत्याकांड में गवाह बना था, तब से उन्हें इस तरह की आशंका बनी हुई थी, जो अब सच साबित हुई है।
