मोहालीः उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में नागरासू गुरुद्वारे को लेकर पिछले कई दिनों से चला तनाव आखिरकार खत्म हो गया। दरअसल, नगरासू में गुरुद्वारा साहिब की चौथी मंजिल पर कब्जे करके बैठे निहंग आखिरकार नीचे उतर गए और उन्हें वापस पंजाब भेज दिया गया । पंजाब से गए निहंग जत्थे ने प्रशासन के साथ बातचीत की और उसके बाद वो निहंगों से बात करने पहुंचे। वहीं आज मोहाली में गुरुद्वारा साहिब शहीदां में भारी संख्या में निहंग जत्थेबंदिया एकत्रित हुई और उन्होंने उतराखंड रवाना होने का ऐलान किया। इस दौरान भारी संख्या में निहंग जत्थेबंदिया एकत्रित हुई और उनमें घटना को लेकर रोष पाया जा रहा है।
हालांकि उतराखंड पुलिस द्वारा मामला सुलझाने का दावा किया है। वहीं निहंग सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा भले ही मामले को सुलझा लिया गया है, लेकिन कुछ लोग निहंगों के बारे में गलत शब्दावली का प्रयोग किया जा रहा था। ऐसे में वह उतराखंड में जाकर को विवाद करने के लिए नहीं जा रहे। वह वहां सिर्फ वायरल वीडियो को लेकर बातचीत करने के लिए जा रहे है। इस दौरान वहां पर वह निहंग सिंहों के इंसाफ की मांग करेंगे ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं ना हो। इस दौरान उन्होंने प्रशासन से भी विवाद को खत्म करने की मांग की है।
निहंग सिंह ने कहा कि वहां पर सोहाना साहिब के सेवादारों के इंसाफ की मांग के लिए जा रहे है। इस दौरान गिरफ्तार किए गए 4 निहंगों की रिहाई की मांग रखी गई है। इसी के साथ वह उतराखंड जाकर गुरुधाम के दर्शन करेंगे। बता दें कि हाल ही में पारंपरिक हथियार लिए हुए कई निहंग सिख मोटरसाइकिल पर सवार होकर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नागरासु गुरुद्वारे से चले गए थे। निहंगों ने तीन दिनों से ज्यादा वक्त तक गुरुद्वारे के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर रखा था। यह उस गतिरोध का समाधान था, जो कर्णप्रयाग में हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस द्वारा चार अन्य निहंगों की गिरफ्तारी के विरोध में शुरू हुआ था।

