श्री मुक्तसर साहिबः स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर मलोट में दो अनधिकृत नशा छुड़ाओ केंद्रों पर कार्रवाई की। लगभग 70 पीड़ित युवाओं को रेस्क्यू कर अलग-अलग सरकारी केंद्रों में भेजा गया। पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम के बावजूद विभिन्न स्थानों पर अनधिकृत नशा छुड़ाओ केंद्र चल रहे हैं, जहां बिना किसी सुविधा के युवाओं का परीक्षण किया जाता है।
संबंधित जिले के स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस प्रशासन के साथ मिल कर कार्रवाई के बाद गांव मलोट और थाना कब्रवाला के गांव कट्टियावाली में दो नशा छुड़ाओ केंद्रों पर छापेमारी कर लगभग 70 युवाओं को रिहा किया और उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस पर महकमों ने कार्रवाई करते हुए यह कदम उठाया। राष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा की कार्रवाई की लोगों द्वारा प्रशंसा की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के अवसर पर इस नशे (कोहड़) का शिकार हुए लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा को लेकर मनाए जाने वाले दिवस पर, सिविल सर्जन डॉ. सूरज कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम, नायब तहसीलदार लंबी, नायब तहसीलदार मलोट, पुलिस पार्टी और ड्रग इंस्पेक्टर सहित 2 टीमों ने मलोट गांव में एक धार्मिक स्थान के नाम पर चल रहे नशा छुड़ाओ केंद्र पर छापेमारी की। मलोट से 45 से अधिक युवाओं को रेस्क्यू किया गया। जबकि कट्टियावाली में 15 युवाओं को रेस्क्यू किया गया। इन सभी पीड़ितों को अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।
