चंडीगढ़ः कानून व्यवस्था को लेकर आज डीजीपी गौरव यादव द्वारा मीटिंग की गई। इस दौरान वर्चुअल माध्यम से राज्य स्तरीय कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस मीटिंग में जिला कमिशनर कार्यालय के सुपरवाइजरीअधिकारियों के रूप में तैनात वरिष्ठ विशेष डीजीपी, अतिरिक्त डीजीपी, आईजीपी, डीआईजी रैंक के अधिकारियों, रेंज आईजीपी, डीआईजी, सभी पुलिस कमिशनर और सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। बैठक में कानून व्यवस्था और अपराध की समीक्षा की गई और पंजाब सरकार की प्रमुख पुलिसिंग प्राथमिकताओं पर जोर दिया गया। इस मौके पर डीजीपी राम सिंह और डीजीपी परवीन सिन्हा भी मौजूद थे।
इस दरौान सभी फील्ड इकाइयों को निर्देश जारी किए गए कि वे रणनीतिक नाके, मोबाइल पेट्रोलिंग, वाहन चेकिंग और प्रभावी क्षेत्र नियंत्रण के माध्यम से पुलिस उपस्थिति और गश्त को मजबूत करें और गहनता से वाहनों की जांच की जाए ताकि जनता का विश्वास बढ़े और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो सके। प्रमुख पहलों ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी के वित्तीय नेटवर्क को नष्ट करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दौरान डीजीपी ने कहा कि आने वाले समय में ड्रग ट्रेड की मनी सप्लाई को चोक करने पर फोकस किया जाएगा। इस दौरान हवाला राशि के पैसे विदेशों में भेजने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस को पीपुल्स फ्रैंडली बनाया जाएगा। इसके लिए नशीले पदार्थों के व्यापार से प्राप्त धन को अवैध हवाला ऑपरेटरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पंजाब को सेफ एंड सिक्योर रखने पर जोर दिया गया। पुलिस-जन भागीदारी को मजबूत करने के लिए नागरिकों, संगठनों और ग्राम रक्षा समितियों के साथ नियमित संपर्क के माध्यम से जनहितैषी पुलिसिंग पर विशेष बल दिया गया है। जनता के साथ साझेदारी में पंजाब राज्य की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर अडिंग है।

