चंडीगढ़: पंजाब में होने वाली विधानसभा चुनावों से पहले ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अगुवाई वाले ‘शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत’ में बड़ा फूट पड़ गया है। दरअसल, इकबाल सिंह झूंड़ा और संता सिंह उम्मैदपुरी समेत 15 नेताओं ने बगावत कर करते हुए पार्टी छोड़ दी। इन बागी नेताओं ने अलग धड़ा बनाकर नए राजनीतिक गठजोड़ की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बगावत करने वाले इस धड़े द्वारा अकाली दल वारिस पंजाब के साथ गठजोड़ किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे। पंथक नेताओं ने कहा कि लंबे विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है कि पंथक एकता के लिए एक साझा प्लेटफ़ॉर्म स्थापित किया जाए।
उनका कहना है कि यदि पंजाब और पंथ के मुद्दों का समाधान करना है तो सारी पंथक ताकतें एकजुट होंगी। नेताओं ने कहा कि यह मंच किसी निजी या राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि केवल पंथ और पंजाब के हितों के संरक्षण के लिए बनाया गया है। उन्होंने पंथक विचारधारा रखने वाली सभी जत्थेबंदियों और नेताओं से अपील की कि वे आपसी मतभेद भुलाकर इस प्रयास से जुड़ें और अकाली राजनीति को नई दिशा देने में सहयोग करें।
इस मौके पर उन्होंने सभी सहयोगी नेताओं और जत्थेबंदियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि पंथक काउंसिल के इस साझा मंच के जरिए भाई अमृतपाल सिंह की पंथक सोच तथा बीबी परमजीत कौर समेत धार्मिक रिवायतों को पूरा समर्थन दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह मंच पंजाब और पंथ के हितों की मजबूती से प्रतिनिधि करेगा।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस पहल का कोई निजी राजनीतिक मकसद नहीं है और न ही किसी पद या लाभ की इच्छा है। उनका कहना है कि इस मंच का एकमात्र उद्देश्य पंथक एकता को मजबूत करना है। साथ ही उन्होंने सभी अकाली नेताओं, कार्यकर्ताओं और पंजाबियों से अपील की कि वे अफवाहों और विभाजन पैदा करने वाली बातों से दूर रहकर साझा नेतृत्व को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
