चंडीगढ़ः नीट पेपर लीक को लेकर लगातार मामला गरमा रहा है। हालांकि आज सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियो को सख्त सजा देने के लिए केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के निर्देश जारी किए है। लेकिन छात्रों की मांग अब भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है। वहीं फार्मेसी परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर आप पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल की ओर से लगातार उठ रही इस्तीफे की मांग के बीच शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पलटवार किया है।
उन्होंने कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से पंजाब की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार आता है तो वह आज ही इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं को सरकार ने खुद उजागर किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। बैंस ने कहा कि सरकार पेपर लीक, नकल और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टालरेंस की नीति पर काम कर रही है। फार्मेसी परीक्षा में जो भी अनियमितताएं सामने आईं, उन्हें दबाया नहीं गया बल्कि प्रशासन ने खुद उनका पता लगाकर कार्रवाई की।
उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाना है, इसलिए कमियों को छिपाने के बजाय सामने लाया गया। बैंस ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को उछालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के समय पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामलों में कार्रवाई की बजाय उन्हें दबा दिया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार दोषियों तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। दरअसल, फार्मेसी परीक्षा में कथित नकल और गड़बड़ी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है।

