अमृतसरः जिले के थाना छेहरटा की पुलिस ने हत्या केस की गुत्थी सिर्फ 24 घंटे में सुलझाते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी लॉ एंड आर्डर आलम विजय सिंह ने बताया कि 21 जुलाई 2026 को थाना छेहरटा में धारा 103(1), 109 और 35 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता शमशेर सिंह उर्फ प्रिंस ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उसका भाई आकाशदीप सिंह हेरिटेज स्ट्रीट पर कैमरा फोटोग्राफी का काम करता था। आकाशदीप सिंह ने हरदीप सिंह उर्फ दीपा का कैमरा लिया हुआ था।
जब हरदीप सिंह ने अपना कैमरा वापस मांगा तो दोनों पक्षों ने कैमरा वापस करने के लिए एक जगह तय की। निर्धारित स्थान पर एक तरफ आकाशदीप सिंह, उसका भाई शमशेर सिंह और हरमनदीप सिंह मौजूद थे, जबकि दूसरी तरफ हरदीप सिंह उर्फ दीपा अपने साथी सुखबीर सिंह उर्फ सुक्ख के साथ वहां पहुंचा। इस दौरान कैमरे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई, जो कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई। पुलिस के अनुसार इस दौरान हरदीप सिंह ने आकाशदीप सिंह पर हमला कर दिया और हरमनदीप सिंह को भी घायल कर दिया, जबकि शमशेर सिंह मौके से अपनी जान बचाकर भाग गया। घायल आकाशदीप सिंह को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर के मार्गदर्शन में एसएचओ छेहर्टा, एसीपी वेस्ट और एडीशनल डीसीपी-2 के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही मुख्य आरोपी हरदीप सिंह उर्फ दीपा और उसके साथी सुखबीर सिंह उर्फ सुक्ख को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा ताकि मामले की और गहराई से जांच की जा सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुख्य आरोपी हरदीप सिंह उर्फ दीपा के खिलाफ साल 2018 में भी थाना डिवीजन में हत्या का एक मामला दर्ज है और वह उस केस में जमानत पर बाहर आया हुआ था। डीसीपी आलम विजय सिंह ने कहा कि अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट शहर में अमन-कानून की स्थिति को बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

