चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रदेश के काउंसलरों (पार्षदों) के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। सरपंचों के मानदेय में वृद्धि करने के बाद अब सरकार ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों के काउंसलरों का मानदेय भी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस ऐलान से स्थानीय सरकारों से जुड़े प्रतिनिधियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काउंसलर शहरों के विकास, लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके मानदेय में वृद्धि करना समय की आवश्यकता थी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से काउंसलर और अधिक उत्साह के साथ जनता की सेवा कर सकेंगे और शहरी विकास कार्यों को अधिक गति मिलेगी।
हालांकि, बढ़े हुए मानदेय की राशि और इसे लागू करने की तारीख के बारे में विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी। इससे पहले पंजाब सरकार ने गांवों के सरपंचों और पंचों के मानदेय में भी वृद्धि की थी। अब काउंसलरों के लिये लिया गया यह फैसला स्थानीय सरकारों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
