कैथलः जिला पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (SDU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात बावरिया गैंग के दो इनामी आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी चीका के हुड्डा सेक्टर में 9 जून को हुई लाखों रुपये की चोरी की वारदात में वांछित थे और उनकी गिरफ्तारी पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध .32 बोर पिस्तौल, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त होंडा WR-V कार बरामद की है। जिला पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार एवं उनकी टीम को यह सफलता मिली।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि 25 जून की रात स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट की टीम अपराधियों की तलाश में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि चीका चोरी कांड में शामिल दो शातिर अपराधी होंडा WR-V कार में सवार होकर पूंडरी क्षेत्र में घूम रहे हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने सिकंदरखेड़ी-बरसाना रोड पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपियों ने वाहन को तेज गति से भगाकर भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपियों की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने अवैध .32 बोर पिस्तौलों से पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने पहले आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी और हवाई फायर कर समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने लगातार फायरिंग जारी रखी। इस दौरान एक गोली एचसी बूटा सिंह तथा दूसरी गोली इंस्पेक्टर सुनील कुमार की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस ने आत्मरक्षा और जनहित में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही काबू कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोहन सिंह और धर्मबीर, निवासी मौड़ मंडी, जिला बठिंडा (पंजाब) के रूप में हुई है। आरोपी धर्मबीर के बाएं पैर तथा सोहन सिंह के दाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने 9 जून को चीका के हुड्डा सेक्टर में हुई लाखों रुपये की चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कुख्यात बावरिया गैंग से जुड़े हुए हैं और पंजाब में ट्रेनों में लूटपाट सहित कई संगीन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी से पहले मकानों की रेकी करते थे। शाम के समय जिन घरों में लाइट बंद मिलती थी, उनकी देर रात दोबारा रेकी कर वारदात को अंजाम दिया जाता था। आरोपियों के खिलाफ हरियाणा और पंजाब में चोरी व लूट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी और गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
