मोगा: जिला के कोटकपूरा बाईपास पर शुक्रवार शाम उस समय हंगामा हो गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गुप्त सूचना के आधार पर हरियाणा नंबर के एक ट्रक को रोक लिया। जिसके बाद मौके पर हंगामा हो गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि ट्रक में भैंसों और कट्टों को रस्सियों से बांधकर बहुत ज्यादा संख्या में भरा गया था। ट्रक को रोकने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
View this post on Instagram
कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने ट्रक को रोका, उस समय उसमें करीब 12 से 14 लोग सवार थे। हालांकि, मौके का फायदा उठाकर ज्यादातर लोग वहां से भाग गए। मौके पर केवल तीन से चार लोग ही रह गए, जिन्हें पकड़ लिया गया।
पुलिस और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी बहस
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक में सवार बचे हुए लोगों को थाने ले जाने लगी। इसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हो गई।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को शक था कि पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं करेगी। इसी बात को लेकर उन्होंने पुलिस के सामने अपनी नाराजगी जताई और मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
शुभम शर्मा ने बताई पूरी घटना
बजरंग दल के कार्यकर्ता शुभम शर्मा ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि हरियाणा नंबर के एक ट्रक में बड़ी संख्या में भैंसों और कट्टों को बांधकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद उन्होंने ट्रक को रोक लिया। शुभम शर्मा के अनुसार, ट्रक में उस समय करीब 12 से 13 लोग मौजूद थे, लेकिन उनमें से ज्यादातर लोग भागने में सफल हो गए। कार्यकर्ताओं के हाथ केवल तीन से चार लोग ही लगे। शुभम शर्मा ने पुलिस से मांग की कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।
ट्रक में सवार लोगों ने बताया, मंडी से खरीदे थे पशु
ट्रक में सवार लोगों में से शाहरुख निवासी सहारनपुर और मुसीम निवासी हिसार ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उन्होंने ये भैंसें और कट्टे जिला मोगा की चिड़िक मंडी से खरीदे थे। उनके मुताबिक, इन पशुओं को अगले दिन डेरा बस्सी की मंडी में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
मीडिया कर्मियों ने जब शाहरुख और मुसीम से सवाल किया कि ट्रक में जिस तरह से भैंसों और कट्टों को बांधकर भरा गया था, क्या ऐसी हालत में ये पशु बेचने योग्य रहेंगे, तो उन्होंने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उनसे गलती हो गई है और आज के बाद ऐसा नहीं होगा। हालांकि, पशुओं को किस स्थिति में ले जाया जा रहा था और इस मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस मामले में मीडिया कर्मियों को कोई आधिकारिक जानकारी या बयान नहीं दिया गया था। अब इस मामले में पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
