पठानकोटः जिले में अक्सर खनन के कारण माहौल गरमाता हुआ देखा जाता है। इसी तरह की एक घटना लद्दाख टोल प्लाजा पर हुई, जहां खनन विभाग द्वारा वाहनों की जांच के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जानकारी के अनुसार, क्रशर सामग्री ले जाने वाले ट्रकों के बिलों की जांच खनन विभाग की टीम द्वारा टोल प्लाजा पर की जा रही थी। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस हो गई।
इसके बाद कुछ ट्रक चालकों ने टोल प्लाजा के बूम बैरियर को तोड़ दिया और अपने वाहनों को भगा दिया। पुलिस ने वाहनों को रोकने की कोशिश की लेकिन उनमें से कई भागने में सफल रहे। वहीं ट्रक चालकों ने खनन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी फर्मों के ट्रकों को कथित तौर पर जाने दिया जाता है, जबकि ट्रक चालकों को रोककर बड़े चालान जारी किए जाते हैं। चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे पैसे मांगे गए थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
इन आरोपों के संबंध में खनन विभाग के जेई ने कहा कि विभाग केवल वाहनों के बिलों की जांच कर रहा था। बिल वाले वाहनों को चलने की अनुमति दी गई, जबकि बिना बिल वाले वाहनों को रोक दिया गया। इस बीच, मौके पर एक और गंभीर सवाल भी उठा, क्योंकि कई ट्रकों में नंबर प्लेट नहीं थी। ऐसे में अगर कोई दुर्घटना या कोई अन्य घटना होती है तो इन वाहनों का पता लगाना भी एक बड़ी चुनौती बन सकती है। संबंधित विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
डीएसपी ग्रामीण सुखजिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने खुद स्थिति को संभाला। उन्होंने चेताया कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। अब यह देखा जाएगा कि इस पूरे मामले में पुलिस और खनन विभाग आगे क्या कार्रवाई करते हैं।