जालंधर, ENS: देश भर में बैंक यूनियनों लंबित मुद्दों सहित अपनी मांगों को लेकर आज हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। हड़ताल का असर जालंधर में भी सरकारी बैंकों की कई शाखाओं के कामकाज पर देखने को मिल रहा है। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण शाखाओं में पहुंचने वाले ग्राहकों को कई बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण नियमित बैंकिंग से जुड़े कुछ काम इन माध्यमों से किए जा सकेंगे।
वहीं आज कर्मियों द्वारा मांगो को लेकर प्रदर्शन किया गया। मामले की जानकारी देते हुए पीएनबी स्टाफ यूनियन के डिप्टी जनरल सैकेटरी विनोद शर्मा ने कहा कि ऑल इंडिया में हड़ताल रखी गई है। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के समक्ष लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव से संबंधित मांगों पर कार्रवाई करना सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2024 में 5 दिन तक कामकाज करने पर सहमति जताई थी, लेकिन अब केंद्र सरकार टालमटौल कर रही है। ऐसे में वह अगर सरकार ने मांगे ना मानी तो 28-29-30 को दिन की हड़ताल आ रही है और 26 अक्टूबर से कर्मचारी हड़ताल कर रहे है। इसी के साथ कई अन्य मुद्दे पेंडिंग है। ऐसे में प्रधानमंत्री और फाइनेंस मिनिस्टर का विरोध किया जा रहा है।